अन्य अग्रिम

1.पी एंड एस बैंक की निर्माण श्रमिकों के प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन के लिए ऋण योजना
2.पी एंड एस बैंक की बीमा एजेंटों के लिए विशेष योजना
3.पी एंड एस बैंक की उद्योगिनी योजना
4
.पी एंड एस बैंक डायमंड कृषि कार्ड
5.पी एंड एस बैंक की किराया प्राप्तियों के एवज़ में विशेष ॠण योजना
6.पी एंड एस बैंक परिसरों के मकानमालिक

1. पी एंड एस बैंक की निर्माण श्रमिकों के प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन के लिए ऋण योजना
हमारे देश में लाखों श्रमिक निर्माण उद्योग में लगे हुए हैं और उनमें से अधिकांश अकुशल/अर्द्धकुशल हैं।  ऐसे श्रमिकों के कौशल के उन्‍नयन और विकास के लिए  योजना आयोग और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू )के तहत गठित निर्माण उद्योग विकास परिषद ( CIDC ) ,ने प्री डिप्लोमा के आधार पर एक प्रशिक्षण, परीक्षण और प्रमाणपत्र योजना विकसित की है। हमारे बैंक ने निम्नलिखित आधार पर निर्माण श्रमिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए नई योजना शुरू करने का निर्णय लिया है:


उद्देश्य

निर्माण कंपनियों द्वारा नियोजित और कार्यस्थल पर लगे
कुशल/अर्द्धकुशल श्रमिकों के कौशल उन्नयन और कैरियर प्रगति की सुविधा प्रदान करना

पात्र कोर्स

संस्थानों/विश्वविद्यालयों द्वारा प्रस्‍तुत पूर्व डिप्लोमा पाठ्यक्रम जो कि‍ लघु अवधि अधिकतम छह महीने तक के होते हैं और सीआईडीसी / इग्नू द्वारा अनुमोदित होते हैं।

पात्रता

निर्माण कंपनियों द्वारा नियोजित कुशल/अर्द्धकुशल श्रमिकों और कर्मचारी भविष्य निधि के तहत कवर कर्मचारी पात्र हैं। पात्र श्रमिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) द्वारा जारी व्यापार प्रमाण पत्र वाला होना चाहिए।  वे लोग जिन्‍होने ऋण सुविधा का लाभ लिया हो और लघु पाठ्यक्रम पूरा कर लिया हो पहले ऋण को चुकाने के बाद एक और पूर्व डिप्लोमा कोर्स के लिए ऋण के लिए आवेदन कर सकते है। मजदूर की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु पाठ्यक्रम प्रदाता द्वारा निर्धारित कोई हो,(45/50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए) होनी चाहिए।  निर्माण उद्योग के नियोक्ता सीआईडीसी के एसोसिएट/सदस्य होने चाहिए।

ॠण की मात्रा

अधिकतम रु.15000/-

मार्जिन

शून्‍य

ब्‍याज-दर

पीएलआर

गारंटी

नियोक्ता की गारंटी प्राप्त की जाएगी।

स्‍वीकृति/संवितरण

ऋण शाखा स्तर पर मंजूर किया जाएगा और जहां तक ​​संभव हो पाठ्यक्रमों को प्रस्‍तुत करने वाले संस्थानों को सीधा भुगतान किया जाएगा।

भुगतान

ऋण संवितरण की तारीख से,ब्याज सहित 24 महीनों में चुकाया जाएगा। नियोक्ता, एक स्थिर वचनद्धता देगा कि श्रमिकों को देय वेतन/मजदूरी से किश्तों की कटौती करके बैंक को प्रेषित कर दी जाएगी।

विविध

वे व्यक्ति जिन्‍होंने पूर्व डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूरे कर लिये हों वे इग्नू या अन्य संस्थानों/विश्वविद्यालयों द्वारा प्रस्‍तुत इंजीनियरिंग में डिप्लोमा/इंजीनियरिंग में डिग्री के लिए आगे की पढ़ाई जारी कर सकते हैं। वे नियमित रूप से शिक्षा ऋण योजना के तहत बैंक ऋण के लिए पात्र होंगे, यदि वे इस तरह के पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए बैंक की सहायता चाहते हों।


2.पी एंड एस बैंक की बीमा एजेंटों के लिए विशेष योजना

पात्रता

भारतीय जीवन बीमा के एजेंट और जीवन और सामान्य बीमा क्षेत्र के अन्य एजेंट और पोस्ट ऑफिस/सरकारी प्रतिभूतियों/यूटीआई/ म्युचुअल फंड आदि की निवेश योजनाओं को बढ़ावा देने में लगे अन्‍य लोग, जो नियमित आधार पर कम से कम पांच सालों से कमीशन प्राप्त कर रहे हों।

उद्देश्य

किसी भी व्यक्तिगत जरूरत को पूरा करने के लिए।

ॠण की मात्रा

क्रेडिट ओडी सीमा तीन महीनों की कमीशन तक शाखा में उसके खाते में जमा की जाएगी जोकि अधिकतम रु.50000/- तक होगी।

ब्‍याज-दर

पीएलआर+ 2%

संपार्श्विक प्रतिभूति

शून्‍य

गारंटी

बैंक को स्‍वीकार्य तीसरे पक्ष की गारंटी।

प्रक्रिया शुल्‍क

शून्‍य

विविध

सीमा नियमित आधार पर नवीकृत की जाएगी।

3.पी एंड एस बैंक की उद्योगिनी योजना
उद्देश्य
महिला उद्यमियों को उदार नियमों और ऋण की विशेष केटरिंग पर प्रत्यक्ष कृषि गतिविधियों , छोटे लघु उद्योग क्षेत्र , व्यापार उद्यमों, खुदरा व्यापारियों पेशेवर और स्व रोजगार आदि को प्रोत्साहित करने के लिए ऋण लाभ की सुविधा देना।  

पात्रता
महिला उद्यमी एक या एक से अधिक महिलाओं द्वारा प्रबंधित स्‍वामित्‍व प्रतिष्‍ठानों की सभी इकाइयां या जिनमें वह/वे व्यक्तिगत रूप से या संयुक्त रूप से भागीदार/शेयर धारक / प्राइवेट लिमिटेड कंपनी/सहकारी सोसायटी के सदस्यों के निर्देशक के रूप में 51% से अधिक की शेयर पूंजी हैं,पात्र होंगी।  

ऋण/सीमा की मात्रा
ऋण/सीमा मामले के आधार पर मूल्यांकि‍त और ऋण के उद्देश्य पर निर्भर होगी।  

मार्जिन
रु.25000/- तक के ऋणों के लिए कोई मार्जिन नहीं चाहिए और रु.25000/- से अधिक के ऋण के लिए, मार्जिन ऋण के उद्देश्य और मात्रा के अनुसार 15-25%पर निर्भर करता है।

ब्याज -दर

रुपए 2 लाख तक के ऋण पर पीएलआर(11.50%) ,रुपए 2 लाख से ऊपर के ऋण पर क्रेडिट रेटिंग के अनुसार 0.50% घटाकर न्यूनतम पीएलआर।

वापसी
सावधि ऋण चुकाने की अवधि गतिविधि की प्रकृति और बैंक ऋण से खरीदी गई संपत्ति के उपयोगी जीवन के आधार पर निर्धारित होगी लेकिन अधिकतम 12 महीने की अधिस्थगन अवधि सहित 7 साल से अधिक नहीं होगी।  

प्रतिभूति
रु. 25000 /-  तक कोई संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं चाहिए केवल बैंक ऋण से खरीदी गई संपत्ति का बंधक ही पर्याप्त है।  रु. 25000 /- से अधिक पर (i)बैंक ऋण से खरीदी गई संपत्ति का गिरवी/ दृष्टिबंधक (ii)पति-पत्‍नी या तीसरे पक्ष की गारंटी (iii)जमीन/भवन के रूप में संपार्श्विक प्रतिभूति जो कि ॠण राशि से दुगुने मूल्‍य की हो (सावधि ॠण के मामले में संपत्ति के मूल्‍य सहित) ।  यदि एसएसआई मामले लघु उद्योगों की क्रेडिट गारंटी फंड योजना के अंतर्गत कवर हों तो रु. 25 लाख तक के ॠण/सीमा के लिए कोई संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं चाहिए।

ऋण का उद्देश्य
ऋण सीमा सावधि ॠण या कार्यशील पूंजी के रुप में किसी भी उत्पादक प्रयोजन के लिए दी जा सकती है।

उधारकर्ता का चयन
उधारकर्ता, पात्रता मानदंड में वर्णित महिला उद्यमियों की परिभाषा के अनुसार चयनित होंगे। प्रशिक्षित महिला उद्यमियों को गतिविधि के अनुसार प्राथमिकता दी जायेगी।

प्रक्रिया शुल्क/अग्रिम शुल्क
कोई प्रक्रिया शुल्क या अग्रिम शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

बीमा
बैंक नीति के अनुसार ऋण से खरीदी गई संपत्ति का पर्याप्‍त बीमा होना चाहिए।

4.पी एंड एस बैंक डायमंड कृषि कार्ड
बैंक ने कृषि क्षेत्र में ऋण के प्रवाह को बढ़ाने और केसीसी धारकों/किसानों को अधिक ऋण और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक अनूठी पी एंड एस बैंक डायमंड कृषि कार्ड (DKC ) योजना शुरू की है।  पी एंड एस बैंक डायमंड कृषि कार्ड की सुविधाओं की मुख्‍य बातें निम्‍नानुसार हैं:

पात्रता
वर्तमान पी एंड एस बैंक केसीसी धारक कम से कम  2 साल के संतोषजनक ट्रैक रिकॉर्ड के साथ और न्यूनतम 5 एकड़ हमेशा सिंचित कृषि भूमि की होल्डिंग के साथ इस योजना के अंतर्गत पात्र है।

ऋण की मात्रा:

रू.1,00,000/- प्रति एकड़ सिंचित भूमि या बाजार/वसूली योग्य मूल्य का 50% जो भी कम हो, अधिकतम रुपये 10 लाख ।

ऋण का उद्देश्य :

क्रेडिट सीमा अल्पावधि कृषि परिचालनों, कृषि निवेश के साथ-साथ उपभोक्‍ता आवश्‍यकताओं अल्‍पावधि क्रेडिट आवश्‍यकताओं के लिए उपयोग/वितरित की जाएगी: एसटी-1 रु.20,000/-प्रति एकड़ ( सिंचित) भूमि के लिए सामान्य उत्पादन क्रेडिट एसटी-2 अनुबंध खेती के लिए रु.40,000 / -प्रति एकड़ ( सिंचित) भूमि जो कि किसानों द्वारा उगाई फसल की विविधता/ फसल के प्रकार/वृक्षारोपणपर निर्भर करती है। एसटी-3  किसानों की रु.20,000/ -प्रति एकड़ निवेश भूमि की गोदाम रसीदों पर या उनके एवज में : किसी एक या एक से अधिक उद्देश्‍यों के लिए - कृषि उपकरणों की खरीद, लघु सिंचाई/ड्रिप सिंचाई प्रणाली की स्थापना , भूमि विकास, खेत जानवरों और अन्य संबद्ध गतिविधियों की खरीद , खेत में उपयोग के लिए दो पहिया / जीप की खरीद , खेत निवेश या उत्पादों के ग्रामीण गोदाम / भंडारण का निर्माण खुद के इस्तेमाल के लिए वर्मी खाद इकाई की स्थापना आदि के लिए, प्रत्येक मामले में 15% के मार्जिन के लिए। इस श्रेणी के लिए अधिकतम ॠण रु.6.00 लाख ( DKC क्रेडिट सीमा के तहत 60% ) है जो कि परियोजना लागत पर निर्भर है। उपभोक्‍ता आवश्‍कता: किसी भी उपभोक्‍ता आवश्‍कता के लिए अधिकतम रु.5,000/-प्रति एकड़ मासिक/तिमाही / छमाही किस्त में 3 साल में चुकाया जायेगा।  किसी भी समय लघु अवधि ॠण के अंतर्गत रु.40,000 /-प्रति एकड़ का ॠण ले सकता है (एसटी-1, एसटी-2 और एसटी-3)और निवेश ॠण के अंतर्गत दो सावधि ॠण ले सकता है। प्रत्‍येक अलपावधि ॠण कम से कम एक बार एक वर्ष में क्रेडिट संतुलन में लाया जाना चाहिए। जबकि निवेश ॠण अधिस्‍थगन अवधि सहित पांच वर्ष की अवधि के भीतर उचित (मासिक/तिमाही/छमाही)किश्‍तों में वसूल किया जायेगा। किसान पहले ऋण के समायोजन के बाद इस योजना के तहत अन्य अनुमेय गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त कर सकते है।

ब्याज-दर

इस योजना के अंतर्गत दी गई सीमा/ऋण के लिए, ब्याज इस उद्देश्य के अनुसार है जिसके लिए अल्पावधि/निवेश ऋण प्रदान किया गया हो।

प्रतिभूति:
फसलों, गोदाम रसीदों, बैंक ऋण से खरीदी गई संपत्ति की प्राथमिक सुरक्षा दृष्टिबंधित की जाएगी।  

संपार्श्विक प्रतिभूति
प्र0का0 के  निर्देशानुसार स्‍वीकृत ऋण/सीमा के दुगुने मूल्य की कृषि भूमि।

5.पी एंड एस बैंक की किराया प्राप्तियों के एवज़ में विशेष ॠण योजना
आम जनता :

ऋण का प्रयोजन

किराए पर प्राप्तियों के एवज में वाणिज्यिक/आवासीय परिसर के मालिकों को व्यापार की आवश्यकताओं/निजी खर्च (स्‍वयं की/बच्चों आदि की शादी)/इमारत की मरम्मत(नवीकरण/परिवर्तन/अतिरिक्त) के लिए ऋण देना।

पात्रता

मकान मालिक/ वाणिज्यिक / आवासीय संपत्ति के मालिक जिन्‍होंने अपने परिसर सरकारी विभाग/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/प्रा0या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों / एमएनसी/दूतावास या ख्याति प्राप्‍त किसी भी अन्य संगठन को किराए पर दिये हों।  

ऋण की मात्रा

किरायेदारी की अवधि के दौरान या 120 महीने में,जो भी कम हो किराए पर प्राप्तियों के 80% में से देय आयकर और अन्‍य कोई स्थानीय कर/ रखरखाव शुल्क घटाकर जिसका मकान मालिक/किसी भी लीज समझौते के अनुसार किरायेदारों द्वारा भुगतान किया जाना हों। 
उपरोक्‍त की गणना के रूप में ऋण की राशि बंधक संपत्ति के बाजार मूल्य के 70% से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि, किराए की प्राप्तियों के एवज में पहले से ही ॠण लिया हो तो स्वीकार्य सीमा में से कटौती की जानी चाहिए।

ब्‍याज-दर

बीपीएलआर-1.0% प्रति वर्ष

संपार्श्विक प्रतिभूति

1. जिस संपत्ति के किराए पर प्राप्तियों के एवज में ऋण  का अनुरोध किया हो अगर वह पट्टे पर दी गई हो तो उसे प्राथमिकता दी जायेगी।
2. यदि उपरोक्‍त संपत्ति प्रतिभूति के लिए उपलब्‍ध नहीं हो तो बराबर राशि की अच्छी बिक्री योग्य मूल्य की अन्‍य संपत्ति प्राप्त की जायेगी।

गारंटर

पति या ऋणी के कानूनी वारिस

प्रक्रिया शुल्‍क

स्वीकृत राशि का 1% @ एक बार

पूर्वभुगतान शुल्क

बकाया राशि का 1%

भुगतान

किरायेदार/पट्टेदार द्वारा मालिक/पट्टादाता के पक्ष में जारी मासिक चैक/ड्राफ्ट/पे आर्डर। यह सुनिश्चित किया जाता है कि समस्‍त बकाया पूरे किराए पर/लीज़ अवधि के भीतर समायोजित कर लिया जायेगा।

कंफर्ट पत्र

एक कंफर्ट पत्र में अविकल्‍प वचन दिया जायेगा कि  किरायेदार/पट्टेदार से हर महीने प्राप्‍त किराये के चैक/डीडी सीधे बैंक को भेजेगा कि किरायेदारी अवधि के दौरान पट्टादाता के ऋण खाते का उल्लेख किया जाना चाहिए।  

अन्य शर्त

1. मालिक और किरायेदार/पट्टेदार के प्राधिकृत अधिकारी के बीच किराए/लीज़ समझौते का लिखित और पंजीकृत अनुबंध होना चाहिए। एग्रीमेंट में किरायेदारी की अवधि, मासिक किराया , देय अग्रिम किराया,यदि कोई हो और जो रखरखाव शुल्क/नगरपालिका करों का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हो, का उल्‍लेख होना चाहिए।  
2. पट्टा समझौते में निर्धारित करना चाहिए कि मकान मालिक ऋण राशि के परिसमापन तक परिसर खाली नहीं करवाएगा।
3. पट्टा समझौते में विशिष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए कि मकान मालिक हमारे बैंक से लिखित अनुमति के बिना ऐसी संपत्ति के एवज में अन्य बैंकों से ऋण नहीं लेंगे।
4. अनुबंध-II के ड्राफ्ट के अनुसार,  संबंधित पक्षों अर्थात एक तरफ किरायेदार और दूसरी तरफ किरायेदार और तीसरा बैंक के बीच आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता निष्पादित कराया जाए।
5. संपत्ति को प्रतिभूति के रूप में स्वीकार किया जायेगा और संपत्ति या तो पूरी तरह या संयुक्त रूप से अन्य लोगों के साथ नाबालिग के स्वामित्व में नहीं होनी चाहिए।
6. यदि किराया सहयोगी/संबद्ध संस्‍थाओं से प्राप्त होता है तो ऐसे मामले योजना के तहत कवर नहीं किये जाएगे।


6.पीएसबी बैंक परिसरों के मकानमालिक

ऋण का प्रयोजन

किराए पर प्राप्तियों के एवज में हमारे बैंक परिसरों के मालिकों को व्यापार की आवश्यकताओं/निजी खर्च (स्‍वयं की/बच्चों आदि की शादी)/इमारत की मरम्मत(नवीकरण/परिवर्तन/अतिरिक्त) के लिए ऋण देना।

पात्रता

मकान मालिक/ हमारे बैंक परिसरों की संपत्ति के मालिक ।

संपार्श्विक प्रतिभूति

जो संपत्ति पट्टे पर दी गई हो और जिस संपत्ति के किराए पर प्राप्तियों के एवज में ऋण का अनुरोध किया हो उसका साम्यिक बंधक।

ऋण की मात्रा

किरायेदारी की अवधि के दौरान या 120 महीने में,जो भी कम हो किराए पर प्राप्तियों का 80% में से देय आयकर और अन्‍य कोई स्थानीय कर/ रखरखाव शुल्क घटाकर जिसका मकान मालिक/किसी भी लीज समझौते के अनुसार किरायेदारों द्वारा भुगतान किया जाना हों। 
उपरोक्‍त की गणना के रूप में ऋण की राशि बंधक संपत्ति के बाजार मूल्य के 70% से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि, किराए की प्राप्तियों के एवज में पहले से ही ॠण लिया हो तो स्वीकार्य सीमा में से उसकी कटौती की जानी चाहिए।

ब्‍याज-दर

बीपीएलआर-1.5% प्रति वर्ष

गारंटर

पति या ऋणी के कानूनी वारिस

प्रक्रिया शुल्‍क

स्वीकृत राशि का 1% @ एक बार

पूर्वभुगतान शुल्क

बकाया राशि का 1%

भुगतान

बैंक द्वारा देय पट्टे किराये से सीधा भुगतान। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि समस्‍त बकाया किराए पर/लीज़ अवधि के भीतर समायोजित कर लिया जाये।

अन्य शर्त

1. मालिक और किरायेदार/पट्टेदार के प्राधिकृत अधिकारी के बीच किराए/लीज़ समझौते का लिखित और पंजीकृत अनुबंध होना चाहिए। एग्रीमेंट में किरायेदारी की अवधि, मासिक किराया , देय अग्रिम किराया,यदि कोई हो और रखरखाव शुल्क/नगरपालिका करों का भुगतान करने के लिए कौन उत्तरदायी होगा, का उल्‍लेख होना चाहिए।  
2. पट्टा समझौते में निर्धारित होना चाहिए कि मकान मालिक ऋण राशि के परिसमापन तक परिसर खाली नहीं करवाएगा।
3. पट्टा समझौते में विशिष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए कि मकान मालिक हमारे बैंक से लिखित अनुमति के बिना ऐसी संपत्ति के एवज में अन्य बैंकों से ऋण नहीं लेगा।
4. एक मुख्‍तारनामा प्राप्‍त किया जायेगा कि बैंक ॠण अवधि के दौरान मकानमालिक संपत्ति को नहीं बेचेगा।
5. संपत्ति को प्रतिभूति के रूप में स्वीकार किया जायेगा और संपत्ति या तो पूरी तरह या संयुक्त रूप से अन्य लोगों के साथ नाबालिग के स्वामित्व में नहीं होनी चाहिए।
6. प्र0 का0 सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा स्‍वीकृत वर्तमान मामले यथावत जारी रहेंगे और उनके द्वारा निरीक्षित किये जायेंगे।   जब तक खाते का अंतिम समायोजन नहीं हो जाता तब तक किसी रूपांतरण की अनुमति नहीं दी जाएगी।