इतिहास



वर्ष 1908 में जब भाई वीर सिंह, सर सुंदर सिंह मजीठिया तथा सरदार तिरलोचन सिंह जैसे दूरदर्शी तथा विद्वान व्यक्तियों के मन मे देश के गरीब से गरीब व्यक्ति का जीवन स्तर उठाने का विचार आया तब पंजाब एण्ड सिंध बैंक का जन्म हुआ । उन्हें पंजाब के लोगों से बहुत सम्मान मिला। बैंक की स्थापना समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के आर्थिक उत्थान द्वारा उनके जीवन स्तर को उंचा उठाने हेतु सामाजिक वचनबद्धता के सिद्धान्तों पर की गई । 100 वर्ष बीत जाने पर भी आज पंजाब एण्ड बैंक, अपने संस्थापकों की सामाजिक वचनबद्धता को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है ।