निवासियों के लिए सुविधाएं


1. निवासियों द्वारा स्वयं घोषणा जिसमें लेन-देन का मूल विवरण शामिल है, के आधार पर निम्नलिखित चालू खाता लेन-देन के सामने उल्लिखित प्रत्येक राशि तक के प्रेषण की अनुमति है: -

 

क) प्रत्येक वित्तीय वर्ष में निजी विदेश यात्रा:
नेपाल और भूटान के अलावा अन्य देश में निजी यात्राओं के लिए, अर्थात् पर्यटन उद्देश्यों आदि के लिए, कोई भी निवासी, किसी भी एक वित्तीय वर्ष में, स्वयं घोषणा आधार पर वर्ष के दौरान की गई यात्राओं की संख्या की परवाह किए बगैर अधिकतम 10,000 अमरीकी डालर तक की कुल राशि एक अधिकृत डीलर शाखा से , विदेशी मुद्रा प्राप्त कर सकता हैं। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में निजी विदेश यात्रा के लिए 10,000 अमरीकी डालर या इसके समकक्ष की यह सीमा किसी भी व्यक्ति पर लागू होगी जो किसी भी उद्देश्य के लिए जैसे रोजगार या अप्रवास या पढ़ाई हेतु विदेश यात्रा के लिए विदेशी मुद्रा लेना चाहता हो।

नोट :
क) किसी भी उद्देश्य के लिए नेपाल और/या भूटान की यात्रा के लिए कोई विदेशी मुद्रा उपलब्ध नहीं है।
ख) निवासी अमरीकी डालर 2000 तक के विदेशी मुद्रा नोट और टीसी अनिश्चित काल के लिए रख सकते हैं और इसका बाद में इस्तेमाल कर सकते हैं।  2000 अमरीकी डालर तक और उससे ऊपर की न प्रयोग की गई विदेशी मुद्रा राशि और टीसी वापसी की तिथि के 180 दिनों के भीतर बैंक में जमा करानी होगी।

ख) विदेश में रोजगार

 कोई भी व्‍यक्ति जो रोजगार के लिए विदेश जा रहा हो वह स्वयं की घोषणा के आधार पर भारत में किसी भी प्राधिकृत डीलर से 100000 अमरीकी डालर तक विदेशी मुद्रा ले  सकता हैं।


ग) अप्रवास :
कोई भी व्‍यक्ति जो अप्रवास पर विदेश जा रहा हो वह स्वयं की घोषणा के आधार पर भारत में किसी भी प्राधिकृत डीलर से 100000 अमरीकी डालर तक विदेशी मुद्रा ले  सकता हैं। यह राशि केवल अप्रवास के देश में आकस्मिक व्यय को पूरा करने के लिए है।

घ) विदेश में चिकित्सा उपचार:
कोई व्यक्ति जो इलाज के लिए विदेश जा रहा हो स्वयं की घोषणा के आधार पर 100000 अमरीकी डालर तक प्राप्‍त कर सकता हैं।

 

ड़) नजदीकी रिश्तेदारों के रखरखाव हेतु:
कोई व्यक्ति स्वयं की घोषणा के आधार पर 100000 अमरीकी डालर तक नजदीकी रिश्तेदारों के रखरखाव हेतु प्रेषित कर सकता हैं।

 

2. निवासी व्यक्तियों के लिए उदारीकृत प्रेषण योजना:

भारतीय रिजर्व बैंक की उदारीकृत प्रेषण योजना के अंतर्गत प्रति वित्तीय वर्ष प्रति व्यक्ति 75,000 अमेरिकी डॉलर तक की किसी भी अनुमेय चालू या पूंजी खाता लेन-देन या दोनों के लिए अनुमति है।  भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व अनुमोदन के बिना भी व्यक्ति प्रेषण के लिए भारत से बाहर किसी बैंक में विदेशी मुद्रा खाते खोल सकते हैं और बनाए रख सकते हैं।

 

*(क)  उदारीकृत प्रेषण योजना के अंतर्गत 75,000 अमेरिकी डॉलर तक की निवासी व्यक्तियों द्वारा उपहार और दान के प्रेषण की अनुमति है।

 

ख) विदेशी कंपनी में निवासी व्यक्ति द्वारा निवेश की सीमा 75,000 अमेरिकी डॉलर तक की है। ऐसी विदेशी कंपनियों द्वारा सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में 10% पारस्परिक शेयर होल्डिंग की पूर्व आवश्यकता को समाप्‍त कर दिया गया है।

 

3. विदेशी कंपनी से भारत में प्रतिनियुक्त भारतीय नागरिकों द्वारा विदेशों में रहने वाले करीबी रिश्तेदारों के रखरखाव के लिए शुद्ध वेतन के प्रेषण की अनुमति है।

 

4. निवासी व्यक्ति,जो एक भारतीय कार्यालय के या एक विदेशी कंपनी जिसमें विदेशी होल्डिंग 51% से कम नहीं है, की शाखा में कर्मचारी हैं या निर्देशक हैं को, किसी भी मौद्रिक सीमा के बिना ईएसओपी योजना के अंतर्गत विदेशी प्रतिभूतियों के अधिग्रहण की अनुमति है। इस प्रकार खरीदे गए शेयरों को भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना बेचा जा सकता है बशर्ते कि प्राप्‍त आय भारत में प्रत्यावर्तित की जाए।

 

5. भारत का एक निवासी व्यक्ति विदेशी विनिमय के मुद्रा नोट, बैंक नोट और यात्री चेक में से आरएफसी (घरेलू) खाते के रूप में विदेशी मुद्रा खाता खोल सकता है, बनाए रख सकता है।


क) भारत से बाहर किसी स्थान के दौरे पर, सेवाओं के भुगतान के माध्यम से जबकि सेवाएं भारत में किसी भी व्यवसाय से या किसी भी तरीके से उत्पन्न नहीं हुई।

ख) किसी भी व्यक्ति से जो भारत का निवासी नहीं है और जोमानदेय या उपहार के रूप में या सेवाओं के लिए या किसी भी वैध दायित्वों के निपटानके लिए भारत के दौरे पर है, या
ग) भारत से बाहर किसी भी जगहमानदेय या उपहार के रूप में दौरे के समय या
घ) विदेश यात्रा के लिए एक अधिकृत व्यक्ति से अर्जित विदेशी मुद्रा में से खर्च नहीं की गई राशि प्रस्‍तुत करना।

 

आप इन खातों में कितनी विदेशी मुद्रा रख सकते हैं इसकी कोई सीमा नहीं है। इन खातों में शेष राशि किसी भी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल की जा सकती है जिसके लिए भारत में किसी बैंक से विदेशी मुद्रा खरीदी जा सकती है। हालांकि, आरएफसी(डी)खाते ब्याज - रहित हैं।

आपकी आवासीय स्थिति निवासी से अनिवासी में परिवर्तन के फलस्वरूप आपके आरएफसी (डी) खातों की शेष राशि आपके एनआरई खाते में जमा की जा सकती है।


6. निवासी व्‍यक्ति अनिवासियों पर आतिथ्य का विस्तार कर सकते हैं और पूर्व आवक विप्रेषण से पहले उनका हवाई टिकट बुक करा सकते हैं। निवासी किसी तीसरे देश की उनकी यात्रा के लिए भारत में टिकट बुक करा सकते है। इससे अभिप्राय है कि निवासी स्वयं भारत में घरेलू/विदेशी एयरलाइनों के माध्यम से उनकी लंदन/न्यूयॉर्क की यात्रा के लिए टिकट खरीद सकते हैं।
 
7. एनआरआई द्वारा भारत में एडी/आवास वित्त संस्थान से लिए गए आवास ऋण को एक निवासी एनआरआई के करीबी रिश्तेदार रूपये में चुका सकते हैं।
 
8. भारतीय कंपनियों के निवासी शेयर धारक, जो प्रायोजित एडीआर/ जीडीआर की योजना के तहत एडीआर/जीडीआर में रूपांतरण के लिए अपने शेयरों की पेशकश करते हैं वे विदेशी मुद्रा में बिक्री आय प्राप्त कर सकते हैं। इसकी प्रोसीडस उनके आरएफसी (डी) खाते में जमा की जा सकती है।


9 . रॉयल्टी और एकमुश्त/शुल्क के भुगतान के लिए प्रेषण की अनुमति है बशर्ते रॉयल्टी स्थानीय बिक्री के 5% और निर्यात के 8% से अधिक नहीं होनी चाहिए और एकमुश्त/शुल्क का भुगतान 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक नहीं होना चाहिए।

 

10 . टूर ऑपरेटरों को भारतीय रिजर्व बैंक के नेट आयोग/एजेंट के लिए ऊपर मार्क की पूर्व अनुमति के बिना भारत से बाहर रेल/सड़क/जल परिवहन शुल्क के भुगतान की अनुमति है।

11. विदेशी मुद्रा खाते भारत में एजेंटों के नाम पर खोले जा सकते हैं जिनका कुछ शर्तों पर भारत के यात्रियों के लिए, होटल आवास उपलब्ध कराने के लिए या दूसरे दौरे व्यवस्था बनाने के लिए विदेश में होटल/एजेंट आदि के साथ टाई अप हैं।    

12. विज्ञापनकर्ताओं को विदेशी टीवी चैनलों पर विज्ञापन के लिए प्रेषण की अनुमति है।

 

13. भारत में आवासीय फ्लैट/वाणिज्यिक भूखंडों की बिक्री के लिए विदेशों में एजेंटों को कमीशन के माध्यम से अमेरिकी डॉलर 25000 या आवक विप्रेषण का 5% प्रति लेनदेन तक की, जो भी अधिक हो, प्रेषण की अनुमति है।
 
14. भारत के बाहर से परामर्श सेवाओं के लिए प्रति प्रेषण 1 मिलियन अमरीकी डालर तक प्रति परियोजना प्राप्त करने की स्वतंत्र रूप से अनुमति है।

 

15. संबंधित मंत्रालयों की अनुमति के बाद बैंकों को, टीवी चैनलों और इंटरनेट सेवाओं से ट्रांसपोंडरों की हायरिंग के धनप्रेषण की अनुमति है।