पी एवं एस बैंक ऋण योजनाएं

  1. पीएसबी की निर्माण कार्य की कुशलता में बढोत्तरी के लिए प्रशिक्षण संबंधी योजना
  2. पीएसबी की ईटिंग ज्वाईंट्स की योजना  
  3. पीएसबी की बीमा अभिकर्ताओं के लिए विशेष योजना
  4. पीएसबी की कारीगरों के लिए क्रेडिट कार्ड (एसीसी) योजना  
  5 पंजाब एण्ड सिंध बैंक की उद्योगिनी योजना
  6. पीएसबी की डायमंड कृषि कार्ड योजना  
  7. पीएसबी की प्राप्त किराए के एवज विशेष ऋण योजना  
  8. पीएसबी की फुटकर व्यापारियों के लिए कार्यशील पूँजी हेतु योजना  
  9. पीएसबी की डॉक्टर विशेष योजना 




   पीछे      पहला पन्ना   














  1. पीएसबी की निर्माण कार्य की कुशलता में बढोत्तरी के लिए प्रशिक्षण संबंधी योजना    
 

हमारे देश में निर्माण कार्य से जुड़े हुए उद्योगों में लाखों मजदूर पूरी तरह से कुशल या अर्ध कुशल हैं। इन मजदूरों की कुशलता में बढोत्तरी के लिए योजना कमीशन के अन्तर्गत निर्माण उद्योग काउंसिल (सीआईडीसी) नामक एक निकाय बनाया गया है जो इंदिरागांधी ओपेन यूनीवर्सिटी के साथ मिलकर प्री-डिप्लोमा पर आधारित प्रशिक्षण , परीक्षण एवं प्रमाणन योजना विकसित की है। हमारे बैंक ने निम्न बिन्दुओं के आधार पर निर्माण कार्य से जुडे मजदूरों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की नई योजना की शुरुआत करने का निर्णय लिया है।

 
 
उद्देश्य : कन्सट्रक्शंस कम्पनियों द्वारा नियोजित तथा कार्यस्थल पर नियुक्त कुशल एवं अकुशल मजदूरों की कुशलता में वृद्धि करने तथा कैरियर में उन्नति हेतु सहायता प्रदान करना।
पात्र कोर्स:

इंस्टीट्यूट / विश्नविद्यालयों द्वारा प्रस्तावित तथा सीआईडीसी / इग्नू द्वारा अनुमोदित अल्पकालीन अर्थात अधिकतम 6 माह तक का प्री – डिप्लोमा कोर्स।

पात्रता:

कन्सट्रक्शंस कम्पनियों द्वारा नियोजित तथा ईपीएफ पाने वाले कुशल / अर्द्धकुशल मजदूर होंगे। पात्र मजदूरों के पास औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) द्वारा जारी ट्रेड प्रमाणपत्र होना चाहिए। जो लोग पहले ऋण प्राप्त कर चुके हैं तथा अपने ऋण का भुगतान कर चुके हैं, वे दूसरे ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। मजदूर की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और अधिकतम आयु कोर्स में निर्धारित हो (45/50 वर्ष से अधिक न हो)। कन्सट्रक्शंस उद्योग का नियोजक सीआईडीसी से संबंधित / सदस्य होना चाहिए।

ऋण की राशि: अधिकतम 15000/- रु0
सीमान्त:

कुछ नहीं

ब्याज की दर:

पी. एल. आर.
स्वीकृति/संवितरण:

ऋण की स्वीकृति शाखा स्तर पर की जाए एवं जहां तक संभव हो प्रस्तावित कोर्स के संस्थान को सीधे भुगतान किया जाएगा।

भुगतान: ऋण का भुगतान संवितरण की तिथि से 24 महीनों के अंदर ब्याज सहित किया जाएगा। नियोजक को एक अविकल्पी वचन देना होगा कि वह मजदूर के वेतन /मजदूरी से किश्तें काटकर बैंक को भेज देगा।
विविध: जो व्यक्ति प्री – डिप्लोमा के कोर्स कर चुके हैं वह इग्नू या किसी अन्य संस्थान /विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग कर सकते हैं। वे बैंक के सामान्य शैक्षिक ऋण के लिए पात्र होंगे, यदि इन कोर्स के लिए वे बैंक की सहायता चाहते हैं।
   
 
 

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2. पंजाब एण्ड सिंध बैंक की ईटिंग ज्वाईंट्स हेतु योजना

 
 

हमें फील्ड में काम करने वालों से लगातार यह प्रतिसूचनाा /सुझाव प्राप्त हो रहे हैं कि वर्तमान ऋण योजना की प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ कुछ नवीन विशेष योजनाओं की शुरुआत की भी आवश्यकता है जो विभिन्न प्रकार के ग्राहकों की आवश्यताओं को पूरा कर सकें। इसी परिप्रेक्ष्य में ईटिंग ज्वाईंट्स, रेस्टोरेंट्स, बेकरी आदि को निम्न बिन्दुओं पर वित्तीय सहायता देने की विशेष योजना प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया है।

 
 
उद्देश्य : रेस्टोरेंट, बेकरी, संस्थाओं की कैंटीन, मिठाई की दुकान, गोश्त की दुकान या आईसक्रीम पार्लर आदि ईटिंग ज्वाईंट्स को ऋण प्रदान कर करना
ऋण की प्रकृति:

कार्यशील पूँजी तथा मीयादी ऋण

ऋण की राशि:

4 महीने की बिक्री (12 महीनों की औसत)। नए उद्यमी के लिए आगे के अनुमान के अनुसार

सीमान्त: 15-25 प्रतिशत

ब्याज की दर:

2 लाख रुपए तक के ऋण के लिए पीएलआर और इससे ऊपर र के     के लिए पीएलआर + 1 प्रतिशत
गारंटीकर्ता:

बैंक को स्वीकार्य किसी संसाधन युक्त तथा ईमानदार व्यक्ति की गारंटी

प्रतिभूति : ऋण सीमा की कम से कम 150 प्रतिशत मूल्य की संपार्श्वक प्रतिभूति ली जाएगी तथा एनएससी / एलआईसी पालिसी सरकारी प्रतिभूतियों आदि के मामले में 100 प्रतिशत
भुगतान: 60-72 ईएमआई रोजाना की गई नकदी बैंक में जमा की जाए
विविध:

उद्यमी को स्वास्थ्य विभाग से लाईसेंस प्राप्त हो एवं शाप इस्टैबलि शमेंट एक्ट के अंतर्गत यदि लागू हो तो पंजीकरण कराया गया हो

 
     
 

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3. पंजाब एण्ड सिंध बैंक की बीमा अभिकर्ताओं के लिए विशेष योजना

 
 

पात्रता

भारतीय जीवन बीमा निगम तथा जीवन एवं सामान्य बीमा क्षेत्र के अभिकर्ताओं तथा पोस्टआफिस / यूटीआई / म्यूचुअल फंड से जुडे हुए अभिकर्ता जिन्हें इन कार्यों के लिए अधिकतम 50000/- रु0 का कमीशन प्राप्त होता है

ब्याज की दर

पीएलआर + 2 प्रतिशत

संपार्श्विक प्रतिभूति

कुछ नहीं

गारंटी

बैंक को स्वीकार्य तृतीय पक्ष की गारंटी

प्रक्रिया शुल्क

कुछ नहीं

विविध

लिमिट नियमित आधार पर नवीकृत की जाए

 
     
 

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4. पीएसबी की कारीगरों के लिए क्रेडिट कार्ड (एसीसी) योजना

 
 

उद्देश्य

कारीगरों को उनकी निवेश आवश्कताओं के साथ-साथ कार्यशील पूँजी हेतु समुचित व समय से सहायता प्रदान करना। यह योजना ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए है।

पात्रता

ऐसे सभी कारीगर पात्र होंगे जो उत्पादन / निर्माण कार्य में संलग्न हों या बैंक की अन्य ऋण योजनाओं के लिए पात्रता रखते हों। ऐसे कारीगरों को प्राथमिकता दी जाएगी जो डेवेलपमेंट कमिश्नर (हैंडीक्राफ्टस) के यहाँ पंजीकृत हैं तथा कई कारीगरों ने मिलकर यदि स्वयं सहायता समूह बनाया हुआ है तो उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने में वरीयता दी जाएगी। अन्य सरकारी प्रायोजित योजनाओं के लाभार्थियों को एसीसी योजना के अंतर्गत नहीं लिया जाएगा। बैंक के सभी ऋणी कारीगर जिन्होंने 2 लाख तक की ऋण सुविधा ले रखी है और बैंक से संतोषजनक लेनदेन कर रहे हैं, पात्र होंगे।

ऋण की राशि

ऋण की सीमा कार्यशील पूँजी की आवश्यकता के आंकलन के साथ- साथ निर्माणकार्य में काम आने वाले औजारों की लागत के आधार पर निर्धारित की जाएगी। कार्यशील पूँजी का आंकलन नायक कमेटी की संस्तुति के आधार पर किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 2 लाख रुपए तक ऋण दिया जा सकेगा। कार्यशील पूँजी सीमा रिवाल्विंग नकद साख सीमा की तरह होगी जिसमें निर्धारित सीमा के भीतर कितनी भी संख्या में आहरण कर सकते हैं। औजार एवं उपकरण खरीदने हेतु लिए गए ऋण की राशि के भाग के भुगतान हेतु शेड्यूल बनाया जाएगा।

सीमान्त

25000/ रु0 तक के लिए कोई सीमान्त नहीं है लेकिन इससे ऊपर के ऋण पर 25 प्रतिशत रखा जाएगा।

प्रतिभूति

वह आस्तियां जिनके लिए बैंक ने वित्तपोषण किया है।

ब्याज की दर

पीएलआर

ऋण की वैद्यता / नवीकरण

क्रेडिट कार्ड की वैद्यता तीन वर्ष की होगी और इसकी वार्षिक आधार पर समीक्षा होगी लेकिन ऋणी को किसी भी प्रकार की वित्तीय विवरणियाँ जमा करने की आवश्यकता नहीं है। समीक्षा के समय सीमा में बढोत्तरी पर 2 लाख की सीमा को ध्यान में रखते हुए विचार किया जा सकेगा। कार्ड के नवीकरण / समीक्षा के समय कोई फीस नहीं ली जाएगी।

कार्ड को जारी
करना

लाभार्थी को एक फोटोकार्ड जारी किया जाएगा जिसमें स्वीकृत सीमा एवं ऋण की वैद्यता का उल्लेख किया गया होगा। ऋणी को एक चैकबुक जारी की जाएगी जिस पर एसीसी खाता अंकित होगा।

बीमा

वर्तमान मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुरूप

गारंटी

दिनांक 09.01.2003 के प्राथमिकता क्षेत्र परिपत्र संख्या 267 के अनुसार लघु उद्योगों हेतु क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट द्वारा जारी क्रेडिट गारंटी स्कीम के अंतर्गत गारंटी उपलब्ध है।

विविध

कारीगरों के लिए क्रेडिट कार्ड खाते के लिए एक अलग से लेजर बनाया जाएगा और क्रेडिट कार्ड धारकों को खाते की विवरणी नहीं पासबुक दी जाएगी। लाभार्थियों को स्टाक विवरणी नहीं जमा करनी है किंतु खाते की जांच परख तिमाही/छमाही आधार पर निरीक्षण द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुरूप
प्रक्रिया फीस वसूल की जाएगी। कार्ड जारी करने के लिए फोटो पर हुआ व्यय बैंक वहन करेगा। इस योजना के अंतर्गत दिया गया ऋण प्राथमिकता क्षेत्र में एसएसआई शीर्ष के अंतर्गत रिपोर्ट किया जाए और ऐसे सभी खातों को कमजोर वर्ग में रखा जाए।

 
     
 

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5. पंजाब एण्ड सिंध बैंक की उद्योगिनी योजना

 
 

उद्देश्य

महिला उद्यमियों को लचीले नियमों के अंतर्गत प्रत्यक्ष कृषि कार्यों , छोटे एसएसआई क्षेत्रों, व्यापारिक गतिविधियों, फुटकर व्यापार, व्यवसायियों एवं स्वनियोजित आदि लोगों को आसान शर्तों पर ऋण
उपलब्ध करवाना।

पात्रता

ऐसी महिला उद्यमी जिसकी सभी इकाइयां एक से अधिक महिला उद्यमियों का प्रबंधन हो जिनका स्वामित्व प्रतिष्ठान हो या वह / उनका व्यक्तिगत रूप से या संयुक्त भागीदार/ शेयर धारक/ प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी के निदेशक/सहकारी सोसाइटी के सदस्य के रूप से 51 प्रतिशत से कम शेयर पूँजी न हो।

ऋण/ सीमा की प्रमात्रा

ऋण / सीमा का आंकलन हर मामले में अलग से किया जाएगा तथा वह इस बात पर निर्भर करता है कि ऋण का उद्देश्य क्या है।

सीमान्त

25,000/- रु0 तक के ऋण पर कोई भी सीमान्त नहीं है और 25,000/- रु0 से ऊपर के ऋण पर 15-25 प्रतिशत तक का सीमान्त है जोकि ऋण के उद्देश्य एवं प्रमात्रा पर निर्भर करता है।

ब्याज की दर

मीयादी ऋण का भुगतान कार्य की प्रकृति एवं बैंक ऋण द्वारा क्रय की गई आस्ति की प्रयोग की जा सकने वाली मीयाद पर निर्भर करता है।

प्रतिभूति

25,000/- रु0 तक कोई भी संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं ली जाएगी केवल बैंक की निधियों से ली गई आस्ति को ही दृष्टिबंधक करके उसे प्रतिभूति के रूप में माना जाएगा। 25,000/- रु0 से ऊपर के मामले में (1) बैंक ऋण से ली गई आस्ति को बंधक / दृष्टिबंधक करना (2) तृतीय पक्ष या पति / पत्नी की गारंटी (3) ऋण राशि की दो गुनी मूल्य की भूमि / बिल्डिंग संपार्श्निक प्रतिभूति के रूप में (मीयादी ऋण के मामले में आस्ति के मूल्य सहित)। यदि एसएसआई के मामले लघु उद्योग हेतु सीजीएफएस के अंतर्गत है तो 25 लाख तक के ऋण /सीमा पर संपार्श्विक प्रतिभूति की कोई आवश्यकता नहीं है।

ऋण का उद्देश्य

मीयादी ऋण या कार्यशील पूँजी के रूप में किसी उत्पादन कार्य हेतु ऋण /सीमा दी जा सकती है।

ऋणी का चयन

ऋणियों का चयन पात्रता में उल्लिखित महिला उद्यमियों की परिभाषा के अनुसार किया जाएगा। उन महिला उद्यमियों को वरीयता दी जाएगी जोकि किए जाने वाले कार्य में प्रशिक्षित होंगी।

प्रक्रिया फीस

प्रक्रिया फीस या अपफ्रंट फीस नहीं ली जाएगी।

बीमा

बैंक नीति के अनुसार ऋण राशि से ली गई आस्ति उपयुक्त रूप से बीमित होनी चाहिए।

 
     
 

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6. पी एण्ड एस बैंक डायमण्ड क्रेडिट कार्ड

 
 

बैंक ने पी एण्ड एस बैंक डायमण्ड कृषि कार्ड (डीकेसी) जैसी एक अद्भुत योजना की शुरुआत की है जिसमें कृषि क्षेत्र में ऋण को बढाया जा सकता है तथा केसीसी धारकों/ किसानों को बेहतर ऋण सुविधाएं दी जा सकती हैं।  पी एण्ड एस बैंक डायमण्ड कृषि कार्ड योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नानुसार हैं –

 
 

पात्रता

इस योजना के अन्तर्गत उन किसानों की पात्रता होगी जो पहले से ही पीएण्डएस बैंक केसीसी के धारक होंगे तथा जिनका पिछले दो वर्षों का रिकार्ड संतोषजनक होगा तथा उनके पास 5 एकड सिंचित भूमि होगी।

ऋण की राशि

प्रति एकड सिंचित भूमि पर एक लाख रुपए तक या कृषि भूमि के बाजार /बिक्री मूल्य का 50 प्रतिशत जो भी कम हो, लेकिन ऋण की अधिकतम राशि 10 लाख से अधिक नहीं होगी।

ऋण का उद्देश्य

ऋण की सीमा का उपयोग/ संवितरण अल्पकालीन कृषि संचालन के लिए किया जा सकता है। यह ऋण कृषि संबंधी निवेश के साथ-साथ उपभोक्ता आवश्यकताओं के लिए निम्नलिखित निर्धारणों के साथ है। अल्पकालीन ऋण आवश्यकता : एसटी – 1 सामान्य उत्पादन ऋण 20,000/ प्रति एकड़ सिंचित भूमि (सिंचित) तक एसटी-2 निविदा कृषि हेतु – 40,000/- रु0 प्रति एकड़ सिंचित भूमि तक जो कि फसल की किस्मों /प्रकार / किसानों द्वारा वृक्षारोपण पर निर्भर करता है। एसटी-3 किसानों द्वारा उत्पादित उपज से संबंधित गोदाम की रसीद के एवज़ 20,000/- रु0 प्रति एकड़। निवेश ऋण : निम्नलिखित उद्देश्यों में से कोई एक या अधिक हेतु – कृषि उपकरणों की खरीद हेतु, लघु सिंचाई/ड्रिप सिंचाई प्रणाली, भूमि विकास, कृषि कार्य हेतु पशुओं के क्रय एवं अन्य क्रियाकलापों हेतु, दोपहिया वाहन /खेतों के उपयोग के लिए जीप, खेतों के औजारों तथा उपज के लिए ग्रामीण गोदाम /स्टोर के निर्माण, अपने उपयोग के लिए वर्मी कम्पोजिंग यूनिट की स्थापना आदि के लिए। सभी मामलों में 15 प्रतिशत का सीमांत लिया जाएगा। इस वर्ग में ऋण की अधिकतम राशि 6 लाख रुपए होगी ( डीकेसी के अंतर्गत ऋण की सीमा का 60 प्रतिशत) जोकि परियोजना की लागत पर निर्भर करेगी। उपभोक्ता आवश्यकताएं : किसी भी उपभोक्ता आवश्यकताओं के लिए अधिकतम 5000/- रु0 प्रति एकड़ की दर से दिया जा सकता है जिसकी वापिसी मासिक/तिमाही/अर्धवार्षिक किश्तों में तीन वर्षों के अंदर की जाएगी। किसी भी दिए गए समय में किसान 40000/- रु0 प्रति एकड़ तक एल्पकालीन ऋण के अंतर्गत (एसटी-1, एसटी-2 एवं एसटी-3) ले सकता है तथा निवेश ऋण के अंतर्गत दो से अधिक मीयादी ऋण नहीं ले सकता। प्रत्येक अल्पकालीन सीमा को वर्ष में एक बार जमा अवशेष में आ जानी चाहिए जबकि निवेश ऋण की वसूली निर्धारित किश्तों (मासिक/तिमाही/अर्धवार्षिक) में अधिस्थगन अवधि सहित 5 वर्षों के अंदर होगी। पूर्व में लिए गए ऋण के समायोजन के बाद योजना के अंतर्गत किसान अन्य स्वीकृत क्रियाकलापों के लिए ऋण ले सकता है।

ब्याज की दर

योजना के अंतर्गत स्वीकृत सीमा / ऋण के लिए ब्याज की दर इस प्रकार निर्धारित होगी कि किस उद्देश्य के लिए अल्पकालीन /निवेश हेतु ऋण स्वीकृत किया गया है।

प्रतिभूति

प्राथमिक प्रतिभूति फसल, गोदाम की रसीद तथा बैंक ऋण से क्रय की गई आस्तियां दृष्टिबंधक के रूप में होंगी।

संपार्श्विक प्रतिभूति

मुख्य कार्यालय के मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार कृषि भूमि जिसका मूल्य ऋण /सीमा राशि से कम से कम दो गुना हो।

   
 
     
 

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7. पीएसबी की प्राप्त किराए के एवज विशेष ऋण योजना

 
 

आमजन हेतु

 
 
ऋण का उद्देश्य:

व्यावसायिक / आवासीय परिसर के मालिकों को उससे प्राप्त किराये के एवज़ ऋण प्रदान करना। यह ऋण व्यापारिक आवश्यकताओं के लिए व्यक्तिगत खर्चों (स्वयं की/बच्चों आदि की शादी) बिल्डिंग की मरम्मत/नवीकरण आदि के लिए दिया जाता है।

पात्रता :

व्यावसायिक /आवासीय संपत्ति के मालिकों को जिन्होंने अपनी सम्पत्ति किराये पर दी हुई है।

ऋण की राशि :

किरायेदारी की अवधि के दौरान प्राप्त किराये का अधिकतम 80 प्रतिशत या 120 महीने का किराया जो भी कम हो। इस राशि में से देय आयकर तथा लीज करार के अनुसार मालिक /किराएदार द्वारा भुगतान किए जाने वाले स्थानीय कर / रखरखाव प्रभार आदि कम कर लिया जाएगा।

 

ऊपर गणना की गई ऋण राशि बंधक की गई सम्पत्ति के बाजार मूल्य के 70 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि प्राप्य किराए के एवज़ कोई अन्य ऋण पहले से ही लिया गया हो तो स्वीकृत सीमा में से उसे कम कर देना चाहिए।

ब्याज की दर : बीपीएलआर से एक प्रतिशत कम
संपार्श्विक प्रतिभूति :

1. पट्टे पर किराए के लिए दी गई सम्पत्ति जिसके किराए के एवज़ ऋण दिया जा रहा है, उसे साम्यिक बंधक करने को अधिमान्यता दी जाएगी।

  2. यदि उक्त सम्पत्ति को प्रतिभूति के रूप में नहीं लिया जाता है तो उसी मूल्य की बिक्री योग्य किसी अन्य सम्पत्ति प्रतिभूति के रूप में ली जाए।
गारंटीकर्ता :

ऋणकर्ता की पत्नी/पति या उनके कानूनी उत्तराधिकारी

प्रक्रियाप्रभार :

स्वीकृत राशि का एक प्रतिशत एक बार लिया जाएगा।

समयपूर्व भुगतान प्रभार : बकाया राशि का एक प्रतिशत
ऋण का भुगतान :

सम्पत्ति के स्वामी / पट्टाकर्ता के पक्ष में किराएदार/ पट्टेदार द्वारा जारी मासिक चैक /ड्राफ्ट /भुगतान आदेश द्वारा किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाए कि पूरी बकाया राशि किराए /पट्टे के करार के समय तक समायोजित हो जाए।

सहूलियती पत्र : किराएदार/ पट्टेदार से एक अविकल्पी घोषणापत्र इस आशय का लिया जाए कि प्रत्येक माह किराए के रूप में दिए जाने वाले चैक /ड्राफ्ट सीधे बैंक को किराएदारी की अवधि के दौरान तक लगातार भेजा जाएगा जिसमें पट्टाकर्ता के ऋण खाते की संख्या का उल्लेख भी किया जाएगा।
अन्य शर्तें : 1. सम्पत्ति के स्वामी तथा किराएदार/पट्टेदार के प्राधिकृत अधिकारी के बीच में किराया/पट्टे का करार लिखित रूप में तथा पंजीकृत होना चाहिए। करार में किराएदारी की अवधि, मासिक किराया, अग्रिम किराया यदि भुगतान किया गया हो तथा रखरखाव व्यय/म्युनिसपल कर आदि के लिए जिम्मेदार व्यक्ति आदि का उल्लेख स्पष्ट रूप से होना चाहिए।
 

2. पट्टे के करार में इस बात का निर्धारण होना चाहिए कि सम्पत्ति का स्वामी परिसर को तब तक खाली नहीं कराएगा जब तक कि ऋण राशि का परिसमापन नहीं हो जाता।

 

3. पट्टे के करार पर इस बात का विशिष्ट रूप से उल्लेख किया जाए कि सम्पत्ति का स्वामी ऐसी सम्पत्ति पर हमारी लिखित अनुमति के बिना किसी अन्य बैंक से कोई ऋण नहीं लेगा।

 

4. अन्य आवश्यक दस्तावेजों के अतिरिक्त एक त्रिपक्षीय करार अनुबंध - ।। के अनुसार सम्पत्ति के स्वामी, किराएदार तथा बैंक के बीच में अवश्य निष्पादित कराया जाना चाहिए।

 

5. प्रतिभूति के रूप में ली गई सम्पत्ति किसी अव्यस्क की पूरी तरह से या किसी अन्य के साथ संयुक्त रूप से नहीं होनी चाहिए।

 

6. यदि किराया सहयोगी /सम्बद्ध संस्था से प्राप्त होता है तो ऐसे मामले इस योजना के अंतर्गत आते हैं।

   
 
 

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8. पीएसबी की फुटकर व्यापारियों के लिए कार्यशील पूँजी हेतु योजना

 
 
विवरण     वर्तमान मार्गदर्शी सिद्धांत संशोधित मार्गदर्शी सिद्धांत
क) ऋण की राशि अधिकतम 30 लाख रु0

ग्रामीण क्षेत्र- अधिकतम 10 लाख रु0
अर्धशहरीक्षेत्र- अधिकतम 20 लाखरु0
शहरीक्षेत्र- महानगरीय क्षेत्र- अधिकतम 20 लाखरु0

ख) ब्याज की दर 2 लाख तक – बीपीएलआर 30 लाख तक - बीपीएलआर
  2 लाख से ऊपर एवं 30 लाख तक (ऋण की रेटिंग के अनुसार)  
ग) स्टाक विवरणी क) 10 लाख तक की सीमा पर वर्ष में एक बार स्टाक विवरणी  जमा करनी होगी 10 लाख तक की सीमा पर  वर्ष में एक बार स्टाक विवरणी जमा करनी होगी
     
 
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डॉक्टर विशेष योजना

योजना की मुख्य विशेषताएं:

पात्रता डॉक्टरों होने न्यूनतम योग्यता एमबीबीएस / बीडीएस.
उद्देश्य स्थापना / प्राप्त / नवीकरण / क्लीनिक के विस्तार, अस्पतालों / रोग / नैदानिक प्रयोगशालाओं, स्कैन / निदान केन्द्रों, नर्सिंग होम, अस्पताल आदि और वाहनों की खरीद, एंबुलेंस, कंप्यूटर आदि
ऋण का प्रकार मीयादी ऋण
अग्रिम की मात्रा अधिकतम रुपये तक. 1 करोड़
मार्जिन 15%
सुरक्षा (i) चल संपत्ति संपत्ति का बंधक हासिल कर ली.
(ii) अचल संपत्ति समान / संपत्ति का स्वयं के नाम पर कानूनी बंधक / पति / बड़े बच्चों.
संपार्श्विक सुरक्षा (i) तक एक लाख 25 € कोई नहीं "अगर मामलों की कवरेज के लिए सिडबी के CGTMSE योजना के तहत रुपये तक शामिल हैं. गारंटी शुल्क का भुगतान करने के बाद 1 करोड़ रुपये है.
(ii) 25 लाख तक 1 करोड़ रुपए एक € "संपार्श्विक जरूरी है.
ब्याज की दर (i) तक 25 लाख: BPLR-2.50 %( मंजिल पा दर 10.50%)
(ii) 25 लाख तक 1 करोड़ रुपए: BPLR-2.00% (तल दर 11.0% PA) (वर्तमान BPLR 13.50%)
गारंटी
  • तक 25 लाख: अगर CGTMSE के अंतर्गत कोई नहीं
  • पति सह ऋण लेने वाले के रूप में लिया जा सकता है
  • और 25 लाख तक 1 करोड़ रुपए: 3 पर्याप्त साधन की पार्टी की गारंटी
चुकौती अधिकतम चुकौती में कुल 5 से 7 साल
पूर्व भुगतान पूर्व भुगतान सुविधा की अनुमति दी है. एक वर्ष से परे नहीं लेता है.
अतिरिक्त लाभ तिजोरी पर 50% के पहले दो वर्ष, जो इस योजना के तहत लाभ उठाने के लिए ऋण छूट स्वयं या पति या पत्नी के लिए किराया

*अधिक जानकारी के लिए हमारे पास की शाखा से संपर्क करें.

 

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पीएसबी - जहां सेवा ही जीवन ध्येय है .........भरोसे की सेवा के 100 वर्ष
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