आवास ॠण योजना

   

बैंक की आवास ॠण योजना के अंतर्गत भूखंड खरीदने एवं मकान निर्माण करने/ बने हुए मकान का विस्‍तार करने / मरम्‍मत करने  / नवीकरण करने एवं बने बनाए मकान खरीदने हेतु ॠण प्रदान किया जाता है।

1   पात्रता व्‍यक्तियों का समूह, एवं सहकारी संस्‍था का एक सदस्‍य इस योजना के लिए पात्र है।  उधारकर्ता की अधिकतम निम्‍न प्रकार होनी चाहिए-
  क) वेतन भोगी वर्ग 60 वर्ष
  ख) वेतन भोगी (पेंशन भोगी) 65 वर्ष
  ग) वेतन भोगी,पेंशन भोगी एवं कमाई करने वाला बड़ा पुत्र सह उधारकर्ता के रूप में पुर्नभुगतान में भागीदार हो तो सेवा निवृति की तिथि पर विचार नहीं किया जाएगा।
  घ)

वेतनभोगी के अलावा 65 वर्ष   

  च)

वेतन भोगी,पेंशन भोगी एवं कमाई करने वाला बड़ा पुत्र सह उधारकर्ता के रूप में पुर्नभुगतान में भागीदार हो तो सह उधारकर्ता की आय को पात्रता अभिकलन में शामिल किया जाएगा।

2   वित्‍त रू. 1.50 लाख तक की राशि-
3   मार्जिन
  (I) मकान निर्माण /फलैट खरीदने हेतु –सम्‍पत्ति के मूल्‍य का 25 % जिसमें रजिस्‍ट्रेशन / स्‍टेम्‍प डयूटी शामिल है।
  (ii)   वर्तमान मकान के नवीकरण / मरम्‍म्‍त / फेरबदल एवं अतिरि‍क्‍त निर्माण के लिए अनुमानित लागत का  25%
4   ब्‍याज दर
5   प्रोसेसिंग फीस-  स्‍वीकृत राशि का 0.50% अधि‍कतम 10,000 /-  (केन्‍द्रीय /राज्‍य /सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारियों हेतु प्रोसेसिंग फीस में पूरी छूट दी गई है।)
6   प्रतिभूति:
  (1) संपत्ति पर साम्यिक/  पंजीकृत गिरवी के जरिए प्रथम प्रभार होगा। सम्‍पत्ति का हक विलेख् स्‍पष्‍ट हो एवं सम्‍पत्ति बेचने योग्‍य तथा अन्‍य से मुक्‍त हो।
  (11) यदि ॠणदाता ने आवास सम्‍पत्ति का क्रय/ क्रय हेतु करार पावर ऑफ अटार्नी के आधार  पर किया है तो अन्‍य सम्‍पत्ति के साम्यिक गिरवी के रूप में समुचित संपाश्विक प्रतिभूति अथवा सरकारी प्रतिभूति प्रस्‍तुत करनी होगी।  इन प्रतिभूतियों को आवास सम्‍पत्ति के ॠण स्‍वीकृति समय छोड़ा जा सकता है।  इस बीच वित पोषित सम्‍पत्ति पर बैंक का प्रभार बना रहेगा।
7   पुर्नभुगतान-  आवास ॠण सावधि ॠण के रुप में अधिकतम 20 वर्षों के लिए निम्‍न आधार पर दिया जाएगा-
  (क) वेतनभोगियों के लिए ॠण 60 वर्ष की उम्र तक समायोजित किया जाएगा।
  (ख) वेतनभोगी (पेंशनर) के लिए ॠण 65 वर्ष की आयु तक समायोजित किया जा सकेगा।
  (ग) वेतनभोगी(पेंशनर) एवं व्‍यस्‍क पुत्र (कमाने वाला ) सहॠणदाता के रूप में हो तो सेवा मुक्ति की तिथि पर ध्‍यान न देते हुए 15 वर्षों तक पुर्नभुगतान किया जा सकेगा।
  (घ) वेतनभोगी के अलावा अन्‍य ॠणदाताओं हेतु ॠण 65 वर्ष की आयु तक चुकाया जा सकता है।
8   पुर्नभुगतान – यदि ॠण की चुकौती अन्‍य बैंक से ॠण लेकर की जाती है तो बकाया ॠण राशि पर 1.00% का भुगतान पूर्व प्रभार लगाया जाएगा।  यदि ॠण का पूरा भुगतान निर्धारित समय से पूर्व अपने उचित स्रोतों द्वारा जैसे कि सेवामुक्ति लाभों, राष्‍ट्रीय बचत पत्रों अथवा जीवन बीमा पालिसी के परिपक्‍व होने पर किया जाए तो भुगतान पूर्व प्रभार नहीं लगेगा।
9   गारंटी-
  (i) सरकार/ सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारियों के मामले में मासिक किश्‍तों की कटौती पति / पत्‍नी के वेतन से की जाने की गारंटी के रूप में किया जाएगा (पति/ पत्‍नी की गारंटी न मिलने की अवस्था में अन्‍य पार्टी की गारंटी ली जा सकती है)
  (ii)   अन्‍य सभी मामलों में पति/पत्‍नी की गारंटी के अलावा एक और पुख्‍ता आय वाले व्‍यक्ति की गारंटी ली जाएगी।
     
     
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