नियार्तकों हेतु गोल्ड कार्ड योजना

     
   

भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था में निर्यात महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जो उन्नति के लिए बहुत महत्व रखते है। विशेष रूप से लघु एवं मध्य स्तरीय निर्यातकों द्वारा बैंक ऋण सरलतापूर्वक प्राप्त करने हेतु और ऋण की शर्तों व प्रक्रिया के अनुरूप ऋणी से मैत्री संबंध बनाने हेतु वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने ऋण योग्य उन निर्यातकों को जिनका पिछला रिकार्ड सही हो, उन्हें उत्तम शर्तोंपर ऋण उपलब्ध करवाने के लिए गोल्ड कार्ड जारी करने का प्रस्ताव रखा था । इसके अनुरूप चुनिंदा निर्यातकों और बैंकों से परामर्श करते हुए गोल्ड कार्ड स्कीम बनाई गई है । निर्यातकों के कार्य निष्पादन के आधार पर अतिरिक्त लाभ इस योजना के अंतर्गत दिए गए हैं । अपने अच्छे पुराने रिकार्ड के मद्देनज़र गोल्ड कार्ड धारक अधिक सरल व कुशल व्यवस्था प्राप्त करेंगे । गोन्ड कार्ड स्कीम जारी कर दी है जिसका विवरण नीचे दिया गया है़ः-

 
     
 

     पात्रताः

     
  1.

एसे सभसत4कताी ऋण ग्राहय निर्यातक जो पिछले तीन वर्षों से अच्छे रिकार्ड सहित बैंक में लेन-देन कर रहे हों ।

     
  2.

वे निर्यातक जिनके खाते पिछले तीन वर्षों से लगातार मानक माने गए हों और उनमें किसी प्रकार की अनियमितताएं या विपरीत लक्ष्ण न पाए गए हों उन्हें अच्छे रिकार्ड वाले खाते माना जाएगा ।

  3.

लघु व मध्य स्तरीय निर्यातक जिनकी ऋण सीमा ( एफ ओ बी एल सी के अतिरिक्त ) एक करोड़ रू0 या उससे अधिक और हमारे बैंक के माध्यम से कम से कम 5 करोड़ रू0 की बिक्री पिछले एक कैलेंडर / वित्तीय वर्ष के दौरान कर चुके हों , वे सब पी.एस.बी एक्सपो गोल्ड कार्ड के पात्र हैं ।

 
 



यह योजना उन निर्यातकों पर लागू नहीं होगी जिन्हें ई सी जी सी द्रारा ब्लैक लिस्ट किया गया है अथवा जिनका नाम चूककर्ता/सतर्कता सूची में शामिल हो या फिर पिछले तीन वर्षों की टर्नओवर में जिनके निर्यात बिल अतिदेय हों ।

 
   
ऋण सीमाओं का निर्धारण  
  1. ऐसे आवेदकों के ऋण आवेदन पर अन्य निर्यातकों की अपेक्षा शीघ्र कार्रवाई की जाएगी । इस योजना के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों के निपटान हेतु निम्नानुसार समय निर्धारित किया गया है । 
   
नए आवेदन पत्रों का निपटान 25 दिन में  
ऋण सीमाओं का नवीकरण   15 दिन में 
तदर्थ सीमाओं की स्वीकृति   07 दिन में  
 
2. 

निर्यात वित्त के लिए बैंक ने पहले से ही उदार दृष्टिकोण अपना रखा है । बैंक सिद्धांत रूप में तीनवर्षों के लिए ऋण- सीमाओं की स्वीकृति देगा जिसमें सीमाओं को स्वतः नवीकरण करने का प्रावधान होगा बशर्ते कि स्वीकृति की शर्तों को पूरा किया गया हो । संस्वीकृति प्राधिकारी शर्तों में यह क्लाज़ प्रारंभ करेंग् कि आवधिक आधार पर ऋण सीमाओं के नवीकरण हेतु सभी प्रकार के वित्तीय कागज़ात /अन्य सूचनााएं समय समय पर बैंक को प्रस्तुत की जाएंगी ।  
  4.  निधियां उपलब्ध होने पर विदेशी करेंसी में निर्यात ऋण प्राथमिकता के आधार पर एल आई बी ओ आर जमा 0.75 प्रतिशत दिया जाएगा । जिस मामले में निर्यातक को ऋण देने हेतु बैंक के पास पर्याप्त डालर न हो तोसेवा प्रभार के रूप में बैंक द्वारा 0.1प्रतिशत फ्लैट ब्याज तर अंतर बैंक विदेशी करेंसी पर लगाया जाएगा बशर्ते कि निधियां उपलब्ध हों ।  
  5.  योग्य मामलों में बैंक एफ सी एन आर खाते में निधियां उपलब्ध होने की स्थिति में विदेशी करेंसी में मीयादी ऋण देने पर विचार करेगें । 
  6.   निर्यातक की तत्काल ऋण आवश्यकताओं की पूर्ति करने हेतु तदर्थ सीमा स्वीकार करने के पर्याप्त अधिकार क्षेत्र कार्यकर्त्ताओं को पहले से ही दिए जा चुके हैं । पी एस बी एक्सपो गोल्ड कार्ड धारकों की तत्काल ऋण आवश्यकताओं को तरजीह दी जाएगी। मौसमी वस्तुओं के चरम स्तर और अचरम स्तर उपयुक्त रूप निर्धारित किए जाएंगे। 
  7.  निर्यात ऋण स्वीकृति हेतु संबंधित विवरण प्राप्त करने के दृष्टिकोण से जो आवेदन पत्र गोल्ड कार्ड धारकों के निर्यात ऋण के लिए भारतीय बैंक संघ ने बनाया है उसे स्वीकार कर लिया गया है।  
  8.  अप्रत्याशित निर्यात आर्डर के मामले में उनकी प्रकृति को देखते हुए माल सूची के नियमों में ढील दे दी गई है ।  
  9.  चूँकि साख ग्राहयता के आधार पर गोल्ड कार्ड धारक की वास्तविकता पहले से ही स्थापित हो गई है और पी एस बी एक्सपो गोल्ड कार्ड स्कीम के अंतर्गत निर्यात ऋण की स्वीकृति देते समय स्वीकृति प्राधिकारी प्रतिभूति और संपार्श्विक प्रतिभूति को भी ध्यान में रखेंगे । 
     
    ब्याज दर  
  1.   गोल्ड कार्ड धारकों से रूपया निर्यात ऋण पर जो ब्याज दर ली जाएगी वह बैंक द्वारा चार्ज किए गए सामान्य ब्याज दर से कम होगी व इस प्रकार होगी 
   
ऐसे निर्यातक जिनकी क्रेडिट रेटिंग 1 व 2 है।   बैंक द्वारा प्रभारित सामान्य ब्याज दर से 0.5प्रतिश्त कम होगी  
ऐसे निर्यातक जिनकी क्रेडिट रेटिंग 3 व 4 है।  बैंक द्वारा प्रभारित सामान्य ब्याज दर से 0.25प्रतिश्त कम होगी  
 
  2.  पी एस बी एक्सपो गोल्ड कार्ड धारकों के मामले में लदानोत्तर रूपए खाते पर 90 दिन तक लगने वाले रियायती ब्याज दर की अवधि अधिकतम 365 दिन तक बढ़ा दी जाएगी.  
     
    सेवा प्रभार
  1.  सभी पी एस बी एक्सपो गोल्ड कार्ड धारकों को सेवा प्रभार तथा शुल्क/ लेन-देन में एफ ई डी ए आई के दिशानिर्देशों के अंतर्गत 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी । 
  2.  पी एस बी गोल्ड कार्ड धारकों की साख ग्राहयता को धयान में रकते हुए संबंधित पॉलिसी से छूट देने के लिए विचार किया जाएगा जोकि बैंक के विवेक पर निर्भर करता है।  
     
    अवधि
  1.  गोल्ड कार्ड तीन वर्षों के लिए जारी किया जाएगा और अगले वर्षों केलिए इसका स्वतः ही नवीकरण किया जाएगा बशर्ते कि उस खाते में कोई विपरीत लक्ष्ण या अनियमितताएंन पाई जाएं । कार्ड का दुरूपयोग करने या नियमोंका उल्लंघन करने के मामले में बैंक को कार्ड वापस लेने का अधिकार होगा । 
  2.  निर्यातक के कार्य निष्पादन रिकार्ड की आवधिक समीक्षा की जाएगी ताकि अच्छे कार्य निष्पादन के कारण बेहतर लाभ दिए जा सकें जिसमें ब्याज दर भी शामिल है।  
   
पी एस बी एक्सपो गोल्ड कार्ड धारकों को निम्नलिखित अतिकिक्त सुविधाएं /लाभ दिए जाएंगे । 
  1.  क्रेडिट कार्ड पर प्रथम वर्ष वार्षिक शुल्क की छूट होगी और दूसरे वर्ष तथा आगामी वर्षों में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल संतोषजनक रूप से करने पर 50 प्रतिशत शुल्क से छूट होगी । 
  2.  शाखा द्वारा ग्राहकों को शिक्षित करने हेतु कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ।  
  3.  बैंक द्वारा ग्राहकों को शिक्षित करने हेतु कार्यक्रम चलाए जाएंगे जिसमें अंतर्राष्ट्रीय निर्देशों और भारतीय रिज़र्व बैंक के नवीनतम दिशानिर्देशों पर चर्चा की जाएगी ।  
  4.  गोल्ड कार्ड धारकों की समस्याओं पर चर्चा होगी और उनके तत्काल निपटान हेतु उपचारात्मक उपाय किए जाएंगे ।  
   

जब तक गोल्ड कार्ड को अंतिम रूप नहीं दिया जाता तब तक आँचलिक प्रबंधक पी एस बी एक्सपो गोल्ड कार्ड स्कीम के अंतर्गत पात्र पाए जाने वाले निर्यातकों को इस आशय के पत्र जारी कर सकते हैं । वे मुख्य कार्यालय स्टेशनरी विभाग को प्रस्तुत करेगे कि उन्हें कितने पी एस बी एक्सपो गोल्ड कार्ड तथा इनसे संबंधित आवेदन पत्रों की आवश्यकता है और उस विभाग से ही प्राप्त करेंगे ।

 

आँचलिक प्रबंधकों को निर्देश दिए जाते हैं कि वे इस योजना में अत्याधिक रूचि लें ताकि सही मायने में योजना लोकप्रिय हो । इस योजना के बैनर सभी संबंधित शाखाओं में लगाए जाएं ।
पी एस बी एक्सपो गोल्ड कार्ड की पात्रता का एक मापदंड यह भी धा कि ऐसे निर्यातक जो एक करोड़ रू0 या उससे अधिक की निर्यात सीमा (एफ ओ बी एल सी को छोड़कर ) और कम से कम 5 करोड़ रू0 की वार्षिक आधार पर बिक्री पिछले एक कैलेंडर वर्ष /वित्तीय वर्ष के दौरान कर चुके हों, पी एस बी एक्सपो गोल्ड कार्ड के पात्र होंगे ।

लघु व मध्य स्तरीय निर्यातकों सहित सभी साख ग्राहय निर्यातकों को यह योजना उपलब्ध करवाने के आशय से निर्यात ऋण सीमा टर्नओवर पर निर्धारित शर्तों में छूट देने का निर्णय लिया गया हैताकि सरलतापूर्वक यह ऋण उलकी पहुँच मेंहो सके ।
भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था में निर्यात महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जो उन्नति के लिए बहुत महत्व रखते है। विशेष रूप से लघु एवं मध्य स्तरीय निर्यातकों द्वारा बैंक ऋण सरलतापूर्वक प्राप्त करने हेतु और ऋण की शर्तों व प्रक्रिया के अनुरूप ऋणी से मैत्री संबंध बनाने हेतु वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने ऋण योग्य उन निर्यातकों को जिनका पिछला रिकार्ड सही हो, उन्हें उत्तम शर्तोंपर ऋण उपलब्ध करवाने के लिए गोल्ड कार्ड जारी करने का प्रस्ताव रखा था । इसके अनुरूप चुनिंदा निर्यातकों और बैंकों से परामर्श करते हुए गोल्ड कार्ड स्कीम बनाई गई है । निर्यातकों के कार्य निष्पादन के आधार पर अतिरिक्त लाभ इस योजना के अंतर्गत दिए गए हैं । अपने अच्छे पुराने रिकार्ड के मद्देनज़र गोल्ड कार्ड धारक अधिक सरल व कुशल व्यवस्था प्राप्त करेंगे । गोन्ड कार्ड स्कीम जारी कर दी है जिसका विवरण नीचे दिया गया है़ः-

     
  1.  बैंक द्वारा प्रस्तुत इस कार्ड को "पी एस बी एक्सपो गोल्ड कार्ड स्कीम" के नाम से जाना जाएगा। 
    पात्रताः  
  1.  एसे सभसत4कताी ऋण ग्राहय निर्यातक जो पिछले तीन वर्षों से अच्छे रिकार्ड सहित बैंक में लेन-देन कर रहे हों । 
  2.   वे निर्यातक जिनके खाते पिछले तीन वर्षों से लगातार मानक माने गए हों और उनमें किसी प्रकार की अनियमितताएं या विपरीत लक्ष्ण न पाए गए हों उन्हें अच्छे रिकार्ड वाले खाते माना जाएगा । 
  3.  लघु व मध्य स्तरीय निर्यातक जिनकी ऋण सीमा ( एफ ओ बी एल सी के अतिरिक्त ) एक करोड़ रू0 या उससे अधिक और हमारे बैंक के माध्यम से कम से कम 5 करोड़ रू0 की बिक्री पिछले एक कैलेंडर / वित्तीय वर्ष के दौरान कर चुके हों , वे सब पी.एस.बी एक्सपो गोल्ड कार्ड के पात्र हैं । 
   
यह योजना उन निर्यातकों पर लागू नहीं होगी जिन्हें ई सी जी सी द्रारा ब्लैक लिस्ट किया गया है अथवा जिनका नाम चूककर्ता/सतर्कता सूची में शामिल हो या फिर पिछले तीन वर्षों की टर्नओवर में जिनके निर्यात बिल अतिदेय हों । 
     
     
     
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