| ऋण हेतु उचित प्रेक्टिस कोड (एफपीसी) |
- ऋण हेतु आवेदन एवं उसकी प्रक्रिया
- ऋण का आंकलन एवं नियम / शर्तें
- ऋण के संवितरण के साथ-साथ नियम एवं शर्तें
- संवितरण के बाद पर्यवेक्षण
- सामान्य
- शिकायतों के निवारण की व्यवस्था
| 1. | ऋण हेतु आवेदन एवं उसकी प्रक्रिया |
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| 1.1 सरल एवं सूचनाापरक ऋण आवेदन | |||||||||||||
2.00 लाख रुपए तक के प्राथमिकता क्षेत्र के साथ-साथ अन्य सभी ऋण आवेदन के फार्म जिसमें फीस/स्वीकृत राशि प्रक्रिया के लिए देय प्रभार , पूर्व भुगतान प्रभार, प्रस्ताव की स्वीकृति/निरस्ति एवं आंकलन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जांच सूची सूचनाापरक बनाए गए हैं। |
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| 1.2 ऋण आवेदन की प्राप्ति / पावती | |||||||||||||
प्रत्येक ऋण आवेदन की पावती /प्राप्ति की जाएगी तथा पावती /प्राप्ति ऋणी ्र आवेदकों को दी जाएगी। इस प्रक्रिया के लिए ऋण आवेदन एक भाग को छिद्रित करके उसमें पावती /प्राप्ति दी जाएगी। पावती /प्राप्ति निम्न फार्म पर दी जाएगी। |
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ऋण आवेदन के लिए प्राप्ति / पावती |
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क्रम संख्या ............. शाखा ....................... |
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दिनांक ................... |
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............................................................. से प्राप्त |
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| ...................... रु0 के लिए निधिक सीमा एवं ....................... रु0 के लिए गैर निधिक सीमा हेतु ऋण सुविधा के लिए आवेदन। | |||||||||||||
| इसके साथ जांच सूची के अनुसार दस्तावेज संलग्न हैं। ................ रु0 प्रक्रिया शुल्क स्वीकृत राशि पर वसूल किया जाएगा। | |||||||||||||
ऋण आवेदन का निस्तारण ................... दिनों के भीतर किया जाएगा बशर्ते, आप ऋण के आंकलन हेतु बैंक द्वारा मांगी गई संपूर्ण / |
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| अतिरिक्त जानकारी प्रस्तुत कर दें, जोकि निम्न प्रकार है ः | |||||||||||||
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शाखा प्रबंधक के हस्ताक्षर |
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शाखा प्रबंधक का नाम |
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पद |
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दिनांक |
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| 1.3 ऋण आवेदन के निस्तारण के लिए समय सीमा | |||||||||||||
ऋण आवेदन का निस्तारण समय निम्न सीमा के भीतर किया जाएगा, बशर्ते आवेदक आंकलन के लिए बैंक द्वारा मांगी गई सभी / अतिरिक्त सूचनाा प्रस्तुत कर देता है। |
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ऋण प्रस्ताव के निस्तारण के समय का उल्लेख ऋण आवेदन में दी गई पावती / प्राप्ति में किया जाएगा, चाहे ऋण की राशि कितनी भी हो। |
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| 1.4 ऋण आवेदन के साथ दस्तावेजों की जांच सूची संलग्न की जाए | |||||||||||||
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| 1.5 ऋण आवेदन को अस्वीकृत करना | |||||||||||||
बैंक ऋण आवेदक को ऋण प्रस्ताव के अस्वीकृत किए जाने की दशा में उनके कारणों की लिखित जानकारी उक्त एफपीसी 1.3 के अनुसार ऋण प्रस्ताव के निपटान में दिए गए समय में देगा। अनुसूचित जाति / जनजाति से संबंधित प्रस्तावों को अस्वीकृत करने का निर्णय सक्षम प्राधिकारी से उच्चाधिकारी द्वारा लिया जाएगा। |
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| 2. | ऋण का आंकलन एवं नियम / शर्तें | ||||||||||||
2.1 ऋण आवेदक की ऋण आवश्यकताओं का निर्धारण |
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ऋणी / आवेदक द्वारा आवेदन किए गए ऋण / सीमा तथा वास्तविक व्यापार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दिए जाने वाले ऋण का निर्धारण किया जाएगा। इसका निर्धारण बैंक की वर्तमान ऋण नीति के आधार पर होगा बशर्ते बैंक की ऋण नीति दस्तावेजों के अनुसार हो। |
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2.2 ऋणी को स्वीकृति के नियम एवं शर्तों के संबंध में सूचित करना |
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ऋणी – आवेदक को स्वीकृति के सभी नियमों एवं शर्तों के बारे में जानकारी दे दी जानी चाहिए तथा उसकी कार्यालय प्रति पर उसके प्राधिकृत प्राधिकारी या ऋणी के हस्ताक्षर ले लें कि सभी नियम एवं शर्तें स्वीकार्य हैं। |
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2.3 ऋण करार/ स्वीकृति पत्र |
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ऋण करार (अर्थात स्वीकृति पत्र जिसमें सभी नियम एवं शर्तों का उल्लेख किया गया हो तथा ऋणी/ऋणियों द्वारा विधिवत इस आशय के साथ हस्ताक्षरित हो कि उन्हें यह स्वीकार्य है) के साथ ऋण करारों अर्थात ऋणियों द्वारा ली गई ऋण सुविधाओं के निष्पादित प्रतिभूति दस्तावेजों की प्रतियां दी जाएं। |
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2.4 बैंक के विवेकाधिकार की ऋण सुविधाएं |
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ऋण करार/स्वीकृति पत्र यह निर्धारित करेगा कि निम्नलिखित ऋण सुविधाएं बैंक के विवेकाधिकार में हैंः |
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1. स्वीकृति सीमा से अधिक आहरण की अनुमति—इसकी अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती जब तक कि इसके लिए समय से अनुरोध न किया गया हो तथा अस्थायी /तदर्थ सुविधा का कोई सार्थक कारण न हो। इसके बाद सक्षम अधिकारी से निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत स्वीकृति प्राप्त हो। |
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| 2. करार के अतिरिक्त उद्देश्यों के लिए चैकों का सकारा जाना – ऋणी ने स्वीकृति के अनुसार तथा जिस उद्देश्य के लिए ऋण स्वीकृत किया गया है, वह गलत नहीं है तथा व्यापार की सामान्य आवश्यकताओं के समानुपातिक है तथा आयकर अधिनियम की पुष्टि करता है। | |||||||||||||
| 3. बडे पैमाने पर नकद आहरण की अनुमति न दिया जाना— बड़े पैमाने पर नकद आहरण की अनुमति तभी दी जाएगी जब शाखा प्रबंधक इस बात री पुष्टि कर लेगा कि जिस उद्देशय के लिए ऋण स्वीकृत किया गया है, वह गलत नहीं है तथा व्यापार की सामान्य आवश्यकताओं के समानुपातिक है तथा आयकर अधिनियम की पुष्टि करता है। | |||||||||||||
| 4. ऋणी के व्यापार के विकास होने की दशा में उसको आवश्यकता पड़ने पर ऋण सीमा के पुनरीक्षण या स्वीकृति के बिना उसे बढाने की अनुमति नहीं दी जा सकती जब तक कि अस्थायी / तदर्थ सुविधा / नियमित बढोत्तरी के लिए पहले से ही अनुरोध नहीं किया जाता तथा वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार बैंक की वर्तमान ऋण नीति की पुष्टि नहीं कर ली जाती तथा सक्षम प्राधिकारी की भी अनुमति नहीं ले ली जाती। इसके अतिरिक्त अस्थायी / तदर्थ सुविधा की पुनरावृत्ति को स्वीकार नहीं किया जाएगा। तदर्थ सीमा की सुविधा वर्ष में केवल दो बार ही दी जाएगी तथा नियमित स्वीकृति की तिथि के 3 माह के भीतर इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। पिछही नियमित स्वीकृत सीमा की तिथि से छह माह के अंदर सीमा में नियमित बढोत्तरी नहीं की जाएगी। ऋणकर्ता से अनुरोध है कि अस्थायी / तदर्थ सीमा के आवेदन से संबंधित विस्तृत विवरण व मार्गदर्शन हेतु शाखा प्रबंधक से सम्पर्क स्थापित करें। | |||||||||||||
| 5. गैर निष्पादित आस्तियों में वर्गीकृत खाते में ऋणकर्ता को आहरण की अनुमति का न दिया जाना – बैंक गैर निष्पादित खाते में वर्गीकृत खाते में ऋणकर्ता को आहरण की अनुमति नहीं देगा बल्कि अपने देयों की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। लाभदायक प्रस्तावों के मामले में पुनर्वास/भुगतान की पुनः अनुसूची बनाकर सहायता दी जाए एवं प्रवर्तकों से इस बात का वायदा लिया जाए कि वह खाते को निष्पादित वर्ग में ले आएंगे। | |||||||||||||
| 6. स्वीकृति के नियमों का अनुपालन न किया जाना—बैंक स्वीकृति के सभी नियमों के अनुपालन न करने पर राशि प्रदान नहीं करेगा। | |||||||||||||
| -- यदि ऋणकर्ता के वायदे पर राशि प्रदान कर दी जाती है कि वह निर्धारित समय के भतर स्वीकृति के छोटे से नियम को पूरा कर देगा एवं इससे बैंक की राशि जोखिम में नहीं पड़ती, किंतु निर्धारित अवधि बीतने के बाद बैंक खाते से आहरण की सुविधा बंद करके सम्पूर्ण देयों की मांग करेगा। | |||||||||||||
| -- यदि ऋणकर्ता स्वीकृति के नियमों को न मानकर ऋण के अनुशासन को भंग करता है तो खाते में आहरण की सुविधा को रोककर आर्थिक दंड लगाया जाएगा और / या सम्पूर्ण राशि की मांग की जाएगी जो कि तथ्यों की गम्भीरता / पुनरावृत्ति पर निर्भर करता है। | |||||||||||||
2.5 बैंकों के संघ के अंतर्गत ऋण प्रदान किया जाना |
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संघीय ऋणों के मामले में ऋण प्रस्तावों के औपचारिक निपटान में अधिकतम निम्नलिखित समय या संघ में शामिल बैंकों द्वारा निर्धारित समय अनुसूची के अंतर्गत लगेगा बशर्ते आवेदन /प्रस्ताव मांगे गए विवरण/सूचनाा के साथ आवश्यक वित्तीय एवं विवरणी एक साथ प्राप्त हो जाती है। |
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| 3. | ऋण के संवितरण के साथ नियम एवं शर्तों में परिवर्तन | ||||||||||||
| 3.1 ऋण / अग्रिम का संवितरण सभी प्रतिभूति दस्तावेजों तथा स्वीकृति पत्र में उल्लिखित स्वीकृति के सभी नियम एवं शर्तों के पूरे होने/ निष्पादित होने के बाद तथा ऋणकर्ता द्वारा वैधानिक शर्तों के पूरा होने के बाद किया जाएगा। | |||||||||||||
| 3.2 स्वीकृति के पूर्वानुमान पर आंशिक संवितरण नहीं किया जाएगा। | |||||||||||||
| 3.3 बैंक का यह अपना विवेकाधिकार है कि वह अपरिहार्य अनिवार्यताओं / स्वीकृति की दशाओं, संवितरण के समय उसके अनुपालन न किए जाने पर यदि उससे बैंक की राशि जोखिम में नहीं पड़ती तो ऋणकर्ता द्वारा यह अनुरोध किये जाने पर वह छोटी अपरिहार्य अनिवार्यताओं तथा स्वीकृति के नियमों का अनुपालन निर्धारित अवधि में पूरा कर देगा, ऋण सुविधाओं को प्रदान कर सकता है। इसके बाद यदि निर्धारित अवधि में ऋणकर्ता औपचारिकताओं को पूरा करने में सफल नहीं होता तो बैंक में आहरण रोककर सम्पूर्ण राशि की मांग कर सकता है। | |||||||||||||
| 3.4 बैंक ने ऋणकर्ता को जो स्वीकृति पत्र की प्रति दी है उसमें यह सूचित / उल्लेख कर दिया है कि ब्याज की दर में या सेवाप्रभार आदि में यदि कोई परिवर्तन होता तो उसकी सूचनाा बैंक के नोटिस बोर्ड पर या किसी राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र के माद्यम से दी जाएगी। ऋणकर्ता को अलग से इसकी सूचनाा नहीं दी जाएगी। अन्य नियम एवं शर्तों में यदि कोई परिवर्तन होता है तो ऋणकर्ता को इसकी सूचनाा लिखित रूप में दी जाएगी। | |||||||||||||
सामान्यतः ब्याज में परिवर्तन भविष्यलक्षी प्रभाव से किए जाते हैं। |
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| 4. | संवितरण के पश्चात पर्यवेक्षण | ||||||||||||
| 4.1 संवितरण के पश्चात पर्यवेक्षण | |||||||||||||
बैंक संवितरण के पश्चात पर्यवेक्षण तथा उसकी निगरानी विशेषकर 20 लाख रुपए के ऋण पर पूरी तरह से रखेगा। बैंक से संबंधित किसी भी अड़चन जिसे ऋणकर्ता को सामना करना पड़ता है। |
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| 4.2 ऋणकर्ता को नोटिस | |||||||||||||
बैंक ऋणकर्ता को ऋण करार में दिए गए या उपयुक्त अवधि में ऋण के भुगतान की मांग करने /उसमें तेजी लाने से पहले या करार के अन्तर्गत उसका निष्पादन, या अतिरिक्त प्रतिभूति की मांग करने से पहले एक नोटिस देगा। यदि ऋण करार में ऐसी कोई दशा नहीं दी गई है। |
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| 4.3 प्रतिभूति को निर्मुक्त किया जाना | |||||||||||||
बैंक ऋण के सभी भुगतान प्राप्त हो जाने या ऋण की वसूली हो जाने पर प्रतिभूति को निर्मुक्त कर देगा। बशर्ते बैंक का ऋणकर्ता पर विधिसम्मत कोई अन्य दावा तथा ग्रहणाधिकार नहीं है। यदि समंजन के अधिकार का प्रयोग किया जाता है तो ऋणकर्ता को इसके लिए पूरे विवरण के साथ बकाया दावे के लिए एवं उन दस्तावेजों के साथ जिसके अंतर्गत वह प्रतिभूतियों को रोक रखा है जब तक कि दावे की राशि का भगतान नहीं हो जाता है, उसे नोटिस दिया जाएगा। |
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| 5. | सामान्य | ||||||||||||
| 5.1 बैंक ऋणकर्ता के क्रियाकलापों को जोकि ऋण स्वीकृति के नियम एवं शर्तों में दी गई हैं अवरुद्ध कर देगा जबतक कि ऋणकर्ता द्वारा पहले बताई गई सूचनााओं में से कोई न होकर नई सूचनाा हो और जो ऋणदाता के संज्ञान में आई हो। | |||||||||||||
| 5.2 बैंक ऋण प्रदान करने में लिंग, जाति एवं धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करेगा। इससे बैंक को समाज के कमजोर वर्ग के लिए बनाई गई ऋण से जुड़ी योजनाओं से अलग नहीं किया जा सकता। | |||||||||||||
| 5.3 ऋण की वसूली के लिए बैंक अनावश्यक परेशान करने के साधन का प्रयोंग नहीं किया जाएगा अर्थात बेवक्त ऋणकर्ता को परेशान करना, ऋण की वसूली के लिए जोर-जबरदस्ती करना आदि। | |||||||||||||
| 5.4 यदि ऋणकर्ता द्वारा या कि बैंक/वित्तीय संस्था द्वारा किसी ऋणकर्ता के खाते के अंतरण किए जाने का अनुरोध प्राप्त होता है जोकि खाते को लेने का प्रस्ताव करता है तो बैंक अनुरोध प्राप्त होने के 21 दिनों के भीतर अपनी सहमति या असहमति की सूचनाा देगा। | |||||||||||||
| 6 | शिकायतों को दूर करने की व्यवस्था | ||||||||||||
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| 6.2 ग्राहक सेवा समिति की मासिक बैठक का आयोजन सभी शाखाओं/आंचलिक कार्यालय स्तर पर प्रत्येक माह के पहले सोमवार को की जाती है। ग्राहक / ऋणकर्ता इस बैठक में भाग लेकर अपनी शिकायत तथा सुझाव उठा सकते हैं। | |||||||||||||
| 6.3 किसी शिकायत के मामले सबसे पहले संबंधित शाखा प्रबंधक को तुरंत निपटान के लिए सूचित किया जाएगा। यदि ग्राहक अपनी शिकायत के निपटान से संतुष्ट नहीं होता है तो मामले को अनुसूची 3 में दिए गए पते के अनुसार आंचलिक प्रबंधक के स्तर पर ले जाया जाएगा। | |||||||||||||
| 6.4 यदि इस पर भी शिकायत के निपटान से ग्राहक संतुष्ट नहीं होता है तो वह अपनी शिकायत को बैंक के नोडल अधिकारी जिन्हें ग्राहकों की शिकायतों के लिए नामित किया गया है. उनके समक्ष ले जा सकते हैं। इसका सम्पूर्ण विवरण अनुसूची -1 में दिया गया है। | |||||||||||||
| 6.5 इन सभी तंत्रों / माध्यमों के बावजूद यदि ग्राहक संतुष्ट नहीं होता है तो सीधे अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को लिख सकता है। | |||||||||||||
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| 6.7 बेनामी शिकायतों पर विचार नहीं किया जाएगा। | |||||||||||||
| 6.8 प्रत्येक शिकायतों का निपटान प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर किया जाएगा। जहां पर इसका निपटान किया जाना है अर्थात शाखा। बिना किसी उचित कारण के किसी भी शिकायत को 15 दिनों से अधिक लम्बित नहीं होने दिया जाएगा। | |||||||||||||
अनुसूची – 1 |
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| 1. शाखाओं की कार्यप्रणाली के विरुद्ध सभी शिकायतों के लिए | |||||||||||||
| क) महाप्रबंधक (निरीक्षण) पंजाब एण्ड सिंध बैंक, बैंक हाउस, 21, राजेन्द्रा प्लेस नई दिल्ली – 110008 फोन संख्या 25726939 | |||||||||||||
ख) महाप्रबंधक पंजाब एण्ड सिंध बैंक, निरीक्षण विभाग 2239, गुरुद्वारा रोड, करोलबाग, नई दिल्ली 110005 फोन सं0 25769911 |
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ग) संबंधित शाखा के आंचलिक प्रबंधक आंचलिक कार्यालय का पता अनुसूची – 2 में दिया गया है। |
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| 2. स्टाफ मामले हेतु | |||||||||||||
महाप्रबंधक (कार्मिक) |
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| 3. सभी ऋण एवं निर्यात ऋण हेतु | |||||||||||||
महाप्रबंधक (ऋण एवं अग्रिम) |
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| 4. अन्य अधिकारीगण जिनसे सम्पर्क किया जा सकता हैः | |||||||||||||
उप महाप्रबंधक (योजना एवं विकास विभाग) |
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| 5.मुख्य स्वागती ग्राहक सेवा प्रभाग | |||||||||||||
पंजाब एण्ड सिंध बैंक, बैंक हाउस, 21, राजेन्द्रा प्लेस नई दिल्ली – 110008 फोन संख्या – 25719254 |
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अनुसूची – 2 |
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बैंकिग लोकपाल के नाम और पते तथा उनका प्रचालन क्षेत्र |
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महाराष्ट्र एवं गोवा |
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कर्नाटक |
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आंध्रा प्रदेश |
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पश्चिम बंगाल |
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राजस्थान |
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मध्यप्रदेश |
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बिहार |
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उड़ीसा |
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हिमाचल प्रदेश, पंजाब एवं चण्डीगढ संघ शासित क्षेत्र |
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दिल्ली, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर एवं गाजियाबाद जिला (उ0प्र0) |
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उत्तर प्रदेश (गाजियाबाद जिले को छोड़कर) |
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केरल, केन्द्र शासित क्षेत्र लक्षद्वीप |
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तमिलनाडु, अंडमान निकोबार द्वीप समूह एवं पांडिचेरी संघ शासित क्षेत्र |
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आसाम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा एवं नागालैण्ड |
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गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव संघ शासित क्षेत्र |
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अनुसूची—3 |
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आंचलिक कार्यालय के पते |
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आंचलिक कार्यालय, अमृतसर |
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आंचलिक कार्यालय, चेन्नई |
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आंचलिक कार्यालय, गुवाहाटी |
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आंचलिक कार्यालय, लुधियाना |
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आंचलिक कार्यालय, बरेली |
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आंचलिक कार्यालय, चम्डीगढ-1 |
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आंचलिक कार्यालय, हरियाणा |
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आंचलिक कार्यालय, मुम्बई |
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आंचलिक कार्यालय, भोपाल |
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आंचलिक कार्यालय, चण्डीगढ।। |
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आंचलिक कार्यालय, जालंधर |
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आंचलिक कार्यालय, देहरादून |
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आंचलिक कार्यालय, भटिंडा |
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आंचलिक कार्यालय, नई दिल्ली |
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आंचलिक कार्यालय, जयपुर |
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आंचलिक कार्यालय, पटियाला |
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आंचलिक कार्यालय, कोलकाता |
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आंचलिक कार्यालय, फरीदकोट |
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आंचलिक कार्यालय, लखनऊ |
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आंचलिक कार्यालय, होशियारपुर |
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आंचलिक कार्यालय, गुरदासपुर |
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