सावधि जमा

1.   खाता कौन खोल सकता है
   

कोई भी व्‍यक्ति जो कि स्‍वस्‍थ दिमाग का हो और दिवालिया न हो अथवा संयुक्‍त रूप से यह खाता खोल सकता है।अवयस्‍क द्वारा यह खाता खोला जा सकता है एवं इसका परिचालन नैसर्गिक अभिभावक अथवा स्‍वयं अवयस्‍क द्वारा किया जा सकता है , यदि वह 10 वर्ष से बड़ा है ।  खाता संयुक्‍त रूप से भी खोला जा सकता है।

    व्‍यस्‍क होने के पश्‍चात खाताधारी को चाहिए कि वह अपने खाते के शेष की जांच कर लें एवं यदि खाते का परिचालन नैसर्गिक अभिभावक द्वारा किया जा रहा है तो वयस्‍क हुए खाताधारी के नए नमूना हस्‍ताक्षर लिए जाने चाहिए एवं नैसर्गिक अभिभावक से इन हसताक्ष्‍रों का सत्‍यापन करा कर बैंक के रिकार्ड में रखा  जाना चाहिए। इस प्रकार के खाते व्‍यक्ति (अकेले अथवा संयुक्‍त रूप से) , फ र्म,कंपनी,क्‍लब,संस्‍था,संस्‍थापन सरकारी,अर्धसरकारी निकायों,सहकारी संस्‍थाओं ,धार्मिक एवं धर्मार्थ संस्‍थाओं इत्‍यादि द्वारा खोले जा सकते हैं।
    ”सरल बचत खाते” रू. 100/- की प्रारंभिक राशि के साथ खोले जा सकते हैं , उसके पश्‍चात खाते का शेष रू. 100/- से कम हो सकता है तथा शेष शून्‍य होने पर भी खाता परिचालित रहेगा जब तक कि खाताधारी स्‍वयं खाते को बंद करने हेतु आवेदन नहीं कर देता।  इस संबंध में कोई भी प्रकार नहीं वसूला जाएगा।
    जमाकर्ता का नामांकन सुविधा उपलब्‍ध है।
    वरिष्‍ठ नागरिक
    वरिष्‍ठ नागरिकों को दिनांक 20.01.2006  से रू0 15.00 लाख तक की सावधि जमाओं पर कार्ड दर में अधिक अतिरिक्‍त ब्‍याज का लाभ दिया जाएगा।
   

एक वर्ष से कम अवधि की सावधि जमाओं पर -0.50%

   

एक वर्ष एवं उससे अण्धिक अवधि की सावधि जमाओं पर -1.00%

    स्टाफ/ भूतपूर्व स्‍टाफ
    स्टाफ/ भूतपूर्व स्‍टाफ 1% अधिक ब्‍याज प्राप्‍त करने का पात्र है, यदि भूतपूर्व स्‍टाफ वरिष्‍ठ नागरिक है तो उसे वरिष्‍ठ नागरिकों को प्राप्‍त अतिरिक्‍त ब्‍याज का भी लाभ मिलेगा। भूतपूर्व स्‍टाफ सदस्‍यों उपरोक्‍त ब्‍याज दर का लाभ दिनांक 01.01.07  से मिलेगा। बैंक की विभिन्‍न सावधि जमा योजनाऍं
  1) साधारण सावधि जमा योजना इस योजना के अंतर्गत कितनी भी राशि 15 दिनों से लेकर 120 माह की अवधि तक सावधि जमा में रखी जा सकती है एवं देय बयाज का भुगतान तिमाही आधार पर लिया जा सकता है।
7 दिन की निम्‍नतम अवधि भी स्‍वीकार्य है(शर्ते लागू)
2.   सेविंग विद स्‍माईल जमा योजना
    यह एक पुर्ननिवेश जमा योजना है जिसमें चक्रवर्ती ब्‍याज देय है।
    ब्‍याज की गणना ति‍माही आधार पर चक्रवर्ती ब्‍याज से की जाएगी परंतु ब्‍याज का भुगतान जमा की परिपक्‍वता मूल राशि के साथ किया जाएगा।इस योजना के अंतर्गत कितनी भी राशि निम्‍नतम 36 माह से लेकर अधिकतम 120 माह की अवधि तक सावधि जमा में रखी जा सकती है।
3.   लघु अवधि जमा योजना
    यह एक पुर्ननिवेश जमा योजना है जिसमें जमाकर्ता लघु अवधि के लिए अपनी जमाएं रख सकता है फि‍र भी चक्रवर्ती ब्‍याज का लाभ ले सकता है। इस योजना के अंतर्गत कितनी भी राशि निम्‍नतम 6 माह से लेकर अधिकतम 36 माह की अवधि तक सावधि जमा में रखी जा सकती है।
4.   केपीटल गेन जमा योजना
    यह एक जमा योजना है जिसके अंर्तगत आयकरदाता केपीटन गेन पर कर छूट की लाभ ले सकता है  यदि केपीटन गेन की राशि या समान योग्‍य राशि सरकारी क्षेत्र के बैंक में आयकर रिटर्न जमा करने की तिथि से पूर्व जमा करा दे(आयकर अधिनियम 1961 में इससे संबंधित प्रावधान एवं उसमें समय समय पर किए गए संशोधन लागू होंगे)
5   हरी सावनी(रबी खरीफ) जमा योजना
    हरी सावनी(रबी खरीफ) जमा योजना ए‍क अद्वितीय योजना है जो कि पंजाब एण्‍ड सिंध बैंक द्वारा अपने किसान भाईयों के लिए प्रस्‍तुत की गई है। यह योजना विशेष रूप से किसानों के लिए बनाई गई है ताकि वे फसल कटाई के बाद अपनी अतिरिक्ति धन राशि का निवेश कर सकें। इस योजना को लचकदार बनाया गया हे जिसमें कम से कम 1000 रूपये या गुणा राशि की किश्‍तें भी जमा कराई जा सकती है। किश्‍तों को फसलों की कटाई हरी सावनी(रबी खरीफ) के साथ जोड़ा गया है एक वर्ष में दो किश्‍तों 30 जून एवं 31 दिसम्‍बर से पूर्व जमा कराया जाना चाहिए।
6   पी.एस.बी. मियादी जमा आयकर बचत जमा योजना
    बैक ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80सी(2) के अंतर्गत‍ आयकर बचाने हेतु मियादी जमा योजना तैयार की है।
    योजना की मुख्‍य विशेषताएं
  1

इस योजना के अंतर्गत कोई व्‍यक्ति अथवा हिंदू संयुक्‍त परिवार द्वारा हमारे बैंक की सावधि जमा योजना में निवेश कर सकता है।

  2 खाता अकेले अथवा संयुकत नाम से खोला जा सकता है।
  3 संयुक्‍त खाता जमा के अंतर्गत रसीद संयुक्‍त रूप से दो व्‍यस्‍क अथवा वयस्‍क एवं अवयस्‍क को जारी की जा सकती है एवं राशि खाताधारियों में से एक को अथवा उत्‍त्‍रजीवी को देय होगी।
  4 संयुक्‍त नाम से खाता होने की अवस्‍था में आयकर अधिनियम की धारा 80 सी का लाभ पहले खाताधारी को मिलेगा।
  5 सावधि जमा योजना एवं अन्‍य योजनाओं में निवेश की सीमा,धारा 80 सी के अंतर्गत आयकर लाभ के लिए रू0 एक लाख तक सीमित होगी।
  6 इस योजना में निवेश की निम्‍नतम राशि रू. 100/- अथवा इसके गुणातमक होगा।
  7 इस योजना के अंतर्गत सावधि जमा को किसी अन्‍य एजेन्‍सी के पास गिरवी नहीं रखा जा सकेगा एवं इसे प्रतिभूति के रूप में भी किसी उद्देश्‍य के लिए नहीं लिया जा सकेगा।
  8 इस प्रकार की सावधि जमा में निश्चित अवरूद्वता अवधि 5 वर्ष की होगी एवं 5 वर्ष से पूर्व इसे भुनाया नहीं जा सकेगा।
  9 इन सावधि जमाओं पर निवेशक की गणना के आधार पर देय अथवा भुगतानित ब्‍याज आयकर के दायरे में आएगा।
  10 इस योजना में नामांकन सुविधा है जिसे प्रारंभ में राशि जमा करते समय अथवा परिपक्‍वता से पूर्व कभी भी प्रभावी किया जा सकता है।
  11 जमाकर्ता की मृत्‍यु होने की अवस्‍था में सावधि जमा का भुगतान प्रभावी नामांकन होने पर नामिति को परिपक्‍वता से पूर्व अथवा बाद में किया जा सकता है।  परिपक्‍वता पूर्व भुगतान किए जाने की अवस्‍था में ब्‍याज का भुगतान वास्‍तविक अवधि के लिए किया साधारण सावधि जमा की दर पर बिना किसी दण्‍ड के किया जाएगा।
  12 खाताधारी  / खाताधारियों के अनुरोध पर सावधि जमा के बैक की अन्‍य शाखा में स्‍थानांतरित किया जा सकेगा।
  13 सावधि जमा रसीद के खोने, चोरी होने, नष्‍ट होने, फट जाने अथवा खराब हो जाने की स्थिति में पात्र व्‍यक्ति डुप्लिकेट रसीद के लिए आवेदन कर सकता है, आवेदन के साथ एक विवरणी लगाई जाए जिनके रहते रसीद खोई, चोरी नश्‍ट फट गई अथवा खराब हो गई है।  बैंक इन कारणों से संतुष्‍ट होने पर एक अथवा दो गारंटीकर्ता के साथ या बैक गारंटी के साथ निर्धारित फार्म पर क्षतिपूर्ति बाण्‍ड लेकर डुप्‍लीकेट रसीद जारी करेगा।बशर्ते कि यदि खोए गए, चोरी,नश्‍ट ,फटे अथवा खराब हुए प्रमाण पत्र/ पत्रों का कुल अंकि‍त मूल्‍य रु. 500/- अथ्‍ं।वा उससे कम है बिना गारंटी के मात्र क्षतिपूर्ति बाण्‍ड प्रस्‍तुत करने पर डुप्‍लीकेट रसीद जारी की जा सकती है।  इसके अतिरिक्‍त रसीद खराब होने या फट जाने की स्थिति में डुप्‍लीकेट रसीद बिना क्षतिपूर्ति बाण्‍ड अथवा गारंटी के जारी की जा सकती है बशर्ते कि खराब हुई या फटी हुई रसीद प्रस्‍तुत की जाए एवं इस पर अंकित मूल्‍य स्‍पष्‍ट हो और यह पहचान हो सके कि वह मूल रसीद ही है। कृपया नोट करें कि जारी की गई डुप्‍लीकेट रसीद उद्देश्‍यों के लिए मूल रसीद के बराबर मानी जाएगी सिवाय इसके कि इसका भुगतान जारीकर्ता शाखा के अलावा अन्‍य किसी शाखा में नहीं हो सकेगा।
  14 इस सावधि जमा योजना पर वर्तमान में ब्‍याज दर 6.75  प्रतिवर्ष है( 5 वर्ष एवं अधिक) वरिष्‍ठ नागरिकों को 0.50 अधिक ब्‍याज देय है। स्‍टाफ सदस्‍यों को 1 अणिक की सुविधा इस योजना के अंतर्गत नहीं है हालांकि स्‍टाफ/ भूतपूर्व स्‍टाफ सदस्‍य 60 वर्ष की आयु होने पर वरिष्‍ठ नागरिकों हेतु उपलब्‍ध सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
  15 इस योजना से संबंधित शर्तों, ब्‍याजदर एवं अन्‍य लाभों में बदलाव की सूचना विशेष तौर पर एवं अलग से समय समय पर दी जाती रहेगी। अन्‍य शर्तें लागू रहेंगी इस योजना के संबंध में स्‍पष्‍टीकरण हेतु कृपया हमारी नि‍कटतम शाखा से संपर्क करें।
     
     
पीएसबी - जहां सेवा ही जीवन ध्येय है .........भरोसे की सेवा के 100 वर्ष
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